
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक – 03 अप्रैल 2025*
🌤️ *दिन – गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
🌥️ *अमांत -21 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि -13 चैत्र मास*
🌤️ *मास – चैत्र*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – षष्ठी रात्रि 09:41 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – रोहिणी सुबह 07:02 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग – सौभाग्य रात्रि 12:01 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 01:53 से शाम 03:27 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:02*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:37*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- स्कंद षष्ठी*
💥 *विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *नवरात्रि के आखिरी 3 दिन* 🌷
👉🏻 *अगर कोई पूरे नौ दिनों का व्रत नवरात्रि में नहीं रख सकता, तो कम से कम आखिरी तीन दिनों का व्रत रखना चाहिए. उससे 9 दिन के नवरात्रि का फल प्राप्त कर होता हैं ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *ससुराल में तकलीफ हो तो* 🌷
👩🏻 *जिनको शादी के बाद कठिनाई आती है… ससुराल में ….उनको चैत्र मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को (यानि 05 अप्रैल 2025 शनिवार को)– ॐ ह्रीं गौरिये नम: | ॐ ह्रीं गौरिये नम: | का जप करे | और प्रार्थना करे “की शिवजी की अति प्रिय हो माँ… हमारे परिवार में ये समस्या न रहें |*
🙏🏻 *”आपके परिचितों में किसी को भी बेटी, बहन शादी के बाद दिक्कते आती हो तो आप इनको बता दें | ऐसा करें बेटी न कर पाये तो बाप तो करे, भाई करें, बहन करें की मेरी बेटी, बहन को ऐसी तकलीफ न हो ऐसा संकल्प करें, नाम और गोत्र का उच्चारण करके |
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए* 🌷
🙏🏻 *अगर काम धंधा करते हैं और सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को.. बेल के कोमल -कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से …. मंत्र बोले ” ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । ” और थोड़ी देर बैठ कर प्रार्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी -कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यासजी ने बताया है।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्रि की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा का काल रात्रि
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *शत्रुओं का नाश करती हैं मां कालरात्रि*
*महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।* 🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞अप्रैल 2025 पंचक
23 अप्रैल (बुधवार) रात 12:31 बजे से शुरू होकर 27 अप्रैल (रविवार) को सुबह 03:39 बजे तक रहेगा.
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