
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 22 मार्च 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ऋतु*
🌤️ *मास – चैत्र*
⛅ *अमांत – 8 गते चैत्र मास प्रविष्टि*
⛅ *राष्ट्रीय तिथि – 30 फाल्गुन मास*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – चतुर्थी रात्रि 09:16 तक तत्पश्चात पंचमी*
ç *नक्षत्र – भरणी रात्रि 10:42 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग – वैधृति शाम 03:42 तक तत्पश्चात विष्कंभ*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:55 से शाम 06:25 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:19*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:29*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी*
💥 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *नवरात्रि की पंचमी तिथि* 🌷
🙏🏻 *23 मार्च 2026 सोमवार को चैत्र – शुक्ल पक्ष की पंचमी की बड़ी महिमा है | इसको श्री पंचमी भी कहते है | संपत्ति वर्धक है |*
🙏🏻 *इन दिनों में लक्ष्मी पूजा की भी महिमा है | ह्रदय में भक्तिरूपी श्री आये इसलिए ये उपासाना करें | इस पंचमी के दिन हमारी श्री बढ़े, हमारी गुरु के प्रति भक्तिरूपी श्री बढ़े | उसके लिए भी व्रत, उपासाना आदि करना चाहिए | पंचमं स्कंध मातेति | स्कंध माता कार्तिक स्वामी की माँ पार्वतीजी …. उस दिन मंत्र बोलो – ॐ श्री लक्ष्मीये नम: |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *नवरात्र की पंचमी तिथि यानी पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं ।इससे परिवार में सुख-शांति रहती है ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *स्कंदमाता की पूजा से मिलती है शांति व सुख*
*नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके। यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻🌹
