
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 20 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
🌥️ *अमांत – 8 गते फाल्गुन मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 30 माघ मास*
🌤️ *मास – फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – तृतीया दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद रात्रि 08:07 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग – साध्य शाम 06:23 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️*राहुकाल – सुबह 11:07 से दोपहर 12:31 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:53*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:09*
👉 *दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩*सनातन पंचांग*🚩
🌷 *पति-पत्नी के झगड़े या अनबन* 🌷
➡️ *पति-पत्नी में झगड़े होते हों, तलाक को नौबत आ जाए अथवा पति-पत्नी में मन नहीं बनता है तो पति अपने सिर के नीचे सिन्दूर रख के सो जाए और पत्नी अपने सिर के नीचे कपूर रख के सो जाए । सुबह उठे तो कपूर की आरती कर डालें और पति सिन्दूर घर में फ़ेंक दें, तो पति-पत्नी का स्वभाव अच्छा हो जायेगा ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *रोजी – रोटी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी* 🌷
👉🏻 *जीवन को यदि तेजस्वी, सफल और उन्नत बनाना हो तो मनुष्य को त्रिकाल संध्या जरुर करनी चाहिए | हमारी आंतरिक अवस्था ऊँची करने में संध्या के समय आध्यात्मिकता का आश्रय बड़ी मदद करता है | इस समय की हुई भगवद-आराधना विशेष लाभ करती है | व्यक्ति का चित्त शीघ्र निर्दोष एवं पवित्र हो जाता है | ईश्वर- प्रसाद पचाने का सामर्थ्य आ जाता है |*
👉🏻 *नित्य नियम से त्रिकाल संध्या करनेवाले के जीवन में किसीके सामने हाथ फैलाने का दिन नहीं आता | रोजी-रोटी की चिंता नहीं करनी पडती |*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *गर्मी में पीपल का मुर्रब्बा* 🌷
🍃 *किसी को गर्मी खूब लगती हो तो पीपल के कोमल-कोमल पत्ते टुकड़े-टुकड़े करके उबाल कर उनका मुर्रब्बा बना लें। इससे ताकत भी बहुत आएगी ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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