
पहाड़ का सच, गोपेश्वर।
जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी और जिला आबकारी अधिकारी दुर्गेश कुमार त्रिपाठी के बीच उपजे विवाद में चमोली की जनता खुलकर जिलाधिकारी के पक्ष में उतर गई है।
कुछ लोगों ने इस मामले में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और आबकारी विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जबकि सोशल मीडिया पर लोग दिनभर डीएम के समर्थन में पोस्ट करते नजर आए। मंगलवार को जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में छापा मारा तो वहां पर जिला आबकारी अधिकारी व दो अन्य कर्मचारी नदारद मिले थे। इस पर डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकते हुए सर्विस ब्रेक दे दी, साथ ही दो अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों का भी एक दिन का वेतन रोका और वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी।
उधर जिला आबकारी अधिकारी ने एक पत्र के जरिये चमोली जिलाधिकारी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। इस पर जिला आबकारी – अधिकारी एसोसिएशन भी लामबंद हो गया और कार्यबहिष्कार की चेतावनी दे डाली। बुधवार को चमोली के लोग खुलकर जिलाधिकारी के पक्ष में आए। सोशल मीडिया पर हर दूसरी पोस्ट जिलाधिकारी के समर्थन में डाली जा रही थी।
भाजपा नेता राजा चौहान, होटल एसोसिएशन पीपलकोटी के अध्यक्ष अतुल शाह, सामाजिक कार्यकर्ता मीना तिवारी सहित अन्य ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जिला आबकारी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग की। उनका कहना है कि वे आबकारी अधिकारी का चमोली में विरोध करेंगे।
सहज भाव से लोगों से मिलते हैं डीएम
अधिवक्ता दिलबर फरस्वाण का कहना है कि जिलाधिकारी ने अपनी कार्यशैली से जनता के बीच अच्छी छवि बनाई है। वे बहुत सरल और सहज भाव से लोगों से मिलते हैं, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं। डीएम ने कई ऐसे काम कर दिए जो दशकों से नहीं हो पाए थे। लोग भी डीएम से मिलने में सहज महसूस करते हैं। यही कारण है कि जनता डीएम के पक्ष में उतर आई है।
