
दून में कम अंतराल में हुई पांच हत्याओं से कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
पहाड़ का सच देहरादून। राजधानी देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में बहुत कम अंतराल में हुई पांच हत्याओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।दिनदहाड़े बाजारों और रिहायशी इलाकों में हुई वारदातों से आम लोगों में दहशत का माहौल है।
पलटन बाजार में युवती की हत्या
राजधानी के व्यस्ततम क्षेत्र पलटन बाजार से लगे क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवती की गला रेतकर हत्या कर दी गई। आरोपी पहले से युवती को परेशान कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस वारदात ने पुलिस की सतर्कता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया।
तिब्बती मार्केट में कारोबारी को गोली
परेड ग्राउंड के पास तिब्बती मार्केट में एक गैस एजेंसी संचालक को स्कूटी सवार बदमाशों ने गोली मार दी। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस हत्या ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
विकासनगर में छात्रा की निर्मम हत्या
विकासनगर क्षेत्र में 12वीं की छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर करीबी रिश्तेदार पर शक जताया है। घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है।
ऋषिकेश में महिला को मारी गोली
ऋषिकेश के शिवाजी नगर में घर के बाहर एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी फरार है और पुलिस टीमें तलाश में जुटी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन प्रभावी गश्त नहीं हो रही।
छात्र पर जानलेवा हमला, बाद में मौत
सेलाकुई क्षेत्र में एक छात्र पर हुए हमले के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना ने बाहरी राज्यों से आए छात्रों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
लगातार हो रही हत्याओं से यह स्पष्ट है कि अपराधी तत्वों में कानून का भय कम होता दिख रहा है। कई मामलों में यह आरोप लगे कि पूर्व में शिकायतें दर्ज थीं, लेकिन समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए।
जनता में आक्रोश
लगातार हो रही घटनाओं से राजधानी में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।देहरादून, जिसे कभी शांत और सुरक्षित शहर माना जाता था, अब अपराध की बढ़ती घटनाओं से जूझ रहा है।

