
सत्ता के गलियारों में दफन हो चुके मुद्दे फिर निकले कब्र से बाहर
दो दशक से अधिक वक्त के बाद एक वीडियो के साथ जेनी आई सामने, जेनी प्रकरण में पूर्व मंत्री हरक आ गए थे निशाने पर,बाद में मिल गई थी क्लीन चिट
पहाड़ का सच नैनीताल/देहरादून। .गिरधारी की याचिका खारिज, एफ आईआर रद्द करने से इंकार: .उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को गिरधारी लाल साहू की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनकी पत्नी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से देहरादून में उन पर दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
शिकायतकर्ता रेखा आर्य ने गिरधारी लाल साहू पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि दोनों पक्षों की शादी 6 जुलाई 2004 को हुई थी। लगभग 22 वर्षों से वे साथ रह रहे हैं इसलिए यह केवल घरेलू विवाद का मामला है जिसे अब आपराधिक रंग दिया जा रहा है।
रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के वक्त गिरधारी ने पहली शादी और बच्चों की बात छिपाई थी और बाद में अन्य महिलाओं से अवैध संबंध रखने तथा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज व जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां की गई।
यह भी आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता ने फर्जी हस्ताक्षर कर और दस्तावेज तैयार कर उन्हें कंपनी के निदेशक पद से जबरन सेवानिवृत्त दिखा दिया जबकि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया था। साथ ही,एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया गया जिसमें कथित तौर पर साहू द्वारा उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रचने और इसके लिए पैसे खर्च करने की बात सामने आई थी। राज्य के सरकारी वकील और रेखा आर्य के वकील ने इन गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए याचिका का कड़ा विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग भी नहीं कर रहा है।
गिरधारी व सतेंद्र के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, लंबे समय से फरार चल रहे गिरधारी की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दे रही है दबिश
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू और उनके भतीजे सतेंद्र राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस ने गैर जमानती वारंट जारी कराया है।
लंबे समय से फरार चल रहे गिरधारी की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दबिश दे चुकी है। वहीं, मामले में भतीजे सतेंद्र
राठौर की भूमिका जांच के दायरे में है। रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। जांच के दौरान कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और उनके संचालन में सामने आए तथ्यों की पड़ताल की गई।
पुलिस को अब तक कंपनियों के मूल दस्तावेज नहीं मिल पाए हैं। जांच के दौरान पांच कंपनियों से जुड़े कुछ दस्तावेज की फोटोकॉपी हाथ लगी थी। एसआईटी ने इन दस्तावेज को रेखा आर्या को दिखाया तो उन्होंने इन्हें सही मानने से इन्कार कर दिया था। रेखा आर्या को कंपनी के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया था। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि पुलिस ने गिरधारी के साथ सतेंद्र के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी कराया है। दोनों की तलाश और मामले से जुड़े दस्तावेज की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें उनके ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
उर्मिला की जमानत के आदेश को दी चुनौती
उर्मिला सनावर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। एसीजेएम कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देते हुए प्राथमिकी की विवेचक ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आपत्ति दाखिल की है। बुधवार को दाखिल आपत्ति पर न्यायालय ने नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए सात नवंबर की तारीख निर्धारित की है। हालांकि, जिला जज कोर्ट ने फिलहाल जमानत पर रोक नहीं लगाई है। .दूसरी ओर, जमानती की व्यवस्था नहीं होने के कारण उर्मिला की जेल से रिहाई लगातार टल रही है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्तूबर को उर्मिला सनावर के खिलाफ पांच करोड़ की रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 25 अक्तूबर को उर्मिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब से वह जिला कारागार रोशनाबाद में बंद हैं। सोमवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने जमानत के आदेश दिए थे। फिलहाल जमानती और बेल बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से रिहाई नहीं हो सकी थी।
बुधवार को प्राथमिकी की विवेचक संदीप भंडारी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में एसीजेएम कोर्ट के दो नवंबर के जमानत आदेश को चुनौती दी। विवेचक की ओर से दाखिल आपत्ति पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए सात नवंबर की तारीख तय की है।
फिर प्रकट हुई जेनी,बोली.. मेरे साथ क्या हुआ था बताऊंगी 23 वर्ष पुराने मामले ने फिर गरमाई सियासत
नमस्कार, मैं जेनी… असम की रहने वाली हूं… बुधवार को अचानक सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो से सियासी पारा चढ़ गया। 23 साल बाद एक महिला सोशल मीडिया के जरिये सामने आई है, जो खुद को जेनी बता रही है। महिला ने कहा कि वह कल (बृहस्पतिवार को) सबूत के साथ बताएगी कि 2003 में उसके साथ क्या हुआ था।
वीडियो में महिला बोल रही है कि “मैं जेनी हूं… असम की रहने वाली हूं। देखिए, आप लोग जो गंदगी मचा रखे हैं, राजनीति कर रहे हैं मेरे नाम को लेके… मेरे साथ क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, किसी ने नहीं पूछा। आज इतने सालों के बाद मेरे बारे में एक-दूसरे… मतलब लांछन लगा रहे हैं। मेरे बारे में इतनी गंदी-गंदी टिप्पणियां कर रहे हो आप लोग, है ना? रही बात मेरे साथ किसने क्या किया, क्या नहीं किया, वो मुझे पता है। विद प्रूफ के साथ मैं आप लोगों के सामने आऊंगी। जो भी है, मेरे साथ जो हुआ था 2003 में, या उस बीच में, जो भी हुआ मैं आप लोगों को बताऊंगी। लेकिन अभी मेरे बारे में जो भी आप लोंग बातें कर रहे हो, एक-दूसरे के ऊपर.. इसका डीएनए करो, उसका डीएनए करो… आप लोग कौन होते हो? ठीक है ना? ये सब मत करिए।
हरक को डीएनए टेस्ट में मिल चुकी क्लीन चिट
वर्ष 2003 में असम की जेनी ने तत्कालीन राजस्व मंत्री हरक सिंह रावत पर अपने बच्चे का पिता होने का आरोप लगाया था, जिससे उत्तराखंड की सियासत में तूफान आ गया था। हरक ने मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि जब तक वह बेदाग साबित नहीं होंगे, तब तक सदन में लौटकर नहीं आएंगे। बाद में एनडी तिवारी की संस्तुति पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। डीएनए टेस्ट में हरक सिंह को क्लीन चिट मिली थी और बाद में जेनी के पते व मोबाइल नंबर फर्जी पाए गए थे। अब एक बार फिर ये मामला चर्चाओं में है।
रेखा आर्य की सिटिंग जज करें जांच: यशपाल आर्य
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल पप्पू से जुड़े कथित 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस ने जांच की मांग तेज कर दी है।
बुधवार को नैनीताल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो उसे हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच पर भी भरोसा नहीं जताया और कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कम स्तर की जांच उन्हें मंजूर नहीं है।
आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी विभागों के माध्यम से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने रेखा आर्या के विभागों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बरेली में महलनुमा संपत्ति खड़ी किए जाने के आरोप भी लगाए।


