
पहाड़ का सच/एजेंसी।
बरेली। बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक परिवार के साथ जो हुआ, वो हर माता-पिता के लिए एक सबक है।
दोपहर करीब 12 बजे पति-पत्नी के फोन पर एक कॉल आया। सामने वाले ने खुद को मुंबई ATS अधिकारी बताया। बोला – “आपके आधार पर एक सिम लिया गया है, जिससे पुणे में ड्रग्स का कारोबार हुआ है। पुणे कोर्ट ने आपके खिलाफ वारंट जारी किया है।” इतना सुनते ही पति-पत्नी घबरा गए। ठगों ने तुरंत वॉट्सऐप पर पुणे कोर्ट का फर्जी वारंट और पुलिस की वर्दी में फोटो भेज दी। फिर बोले – “अभी वीडियो कॉल पर आओ, नहीं तो 2 घंटे में पुलिस घर पहुंचकर गिरफ्तार कर लेगी।”
डर के कारण पति-पत्नी 10 घंटे तक वीडियो कॉल पर बैठे रहे। ठग बार-बार कह रहे थे – “घर के दरवाजे बंद कर लो, किसी को मत बताना, ये राष्ट्र सुरक्षा का मामला है।” धीरे-धीरे वो प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस और FD के बारे में पूछने लगे और 6 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा।
बेटे ने समझदारी से बचाया
घर में उनका 10 साल का बेटा (8वीं क्लास) था। उसने देखा मम्मी-पापा सुबह से कमरे में बंद हैं, रो रहे हैं और किसी से वीडियो पर बात कर रहे हैं। उसने कई बार कहा – “ये फ्रॉड है, फोन काट दो” – लेकिन माता-पिता डरे हुए थे। रात करीब 10 बजे जब ठगों ने पैसा भेजने का दबाव तेज किया, तो बेटे ने बिना कुछ कहे चुपचाप फोन हाथ से लेकर सीधे Flight Mode पर डाल दिया। कॉल कटते ही माता-पिता को होश आया। फिर बेटे ने तुरंत पड़ोसी को बुलाया और 1930 पर कॉल करवाया।
बेटे की इस एक समझदारी से परिवार के 6 लाख रुपये बच गए। बरेली जोन पुलिस ने अब इस बच्चे को सम्मानित किया है।
कैसे बचें
1. डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती: भारत के कानून में फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस कभी फोन पर अरेस्ट नहीं करती।
2. पुलिस कभी ऐसे नहीं डराती: असली पुलिस कभी वीडियो कॉल पर वारंट नहीं दिखाती, कभी प्रॉपर्टी या बैंक अकाउंट की जानकारी नहीं मांगती और कभी ये नहीं कहती कि “किसी को मत बताना”।
3. ठगों के 3 हथकंडे पहचानो: ATS / CBI / कोर्ट का डर दिखाना + फर्जी वारंट भेजना + “दरवाजा बंद करो, किसी को मत बताओ” कहना। ये तीनों दिखे तो 100% फ्रॉड है।
4. फंस जाएं तो क्या करें: तुरंत फोन को Flight Mode पर डाल दें या स्विच ऑफ कर दें। किसी भी लिंक पर क्लिक न करें, कोई पैसा ट्रांसफर न करें। सबसे पहले अपने परिवार में किसी समझदार व्यक्ति को बताएं।
5. तुरंत शिकायत करें: साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें और नजदीकी थाने में सूचना दें।
इस बेटे ने साबित कर दिया – डर से बड़ा है दिमाग। वहीं एक Flight Mode ने पूरे परिवार को बचा लिया।


