
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं विकास पुरुष के नाम से विख्यात स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन, देहरादून में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने स्व. नारायण दत्त तिवारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा प्रदेश एवं देश के विकास में उनके अतुलनीय योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने स्व. नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. तिवारी भारतीय राजनीति के ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जनसेवा, विकास एवं समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। वे एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राजनेता, प्रखर वक्ता एवं विकासोन्मुखी सोच के धनी जननेता थे।
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केन्द्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभालते हुए उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता एवं विकासपरक नीतियों से देश की राजनीति में विशिष्ट पहचान बनाई। उत्तराखण्ड राज्य के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में स्व. नारायण दत्त तिवारी ने नवगठित राज्य को विकास की नई दिशा प्रदान करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचनाओं के विस्तार, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए।
राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा सिडकुल के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से उत्तराखंड में औद्योगीकरण को नई गति मिली तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए। स्व. तिवारी ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को समझते हुए राज्य के समग्र एवं संतुलित विकास की परिकल्पना की थी। उनका मानना था कि उत्तराखण्ड का वास्तविक विकास तभी सम्भव है, जब पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के बीच विकास की असमानता समाप्त हो तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं रोजगार की सुविधाएं पहुंचें।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कांग्रेसजनों ने स्व. नारायण दत्त तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण के बाद राज्य को आर्थिक एवं औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके द्वारा स्थापित विकास की आधारशिला आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष व पीसीसी मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव महर्षि,पीसीसी उपाध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र राणा, प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, राजीव कुमार, पार्षद अर्जुन सोनकर, वीरेन्द्र बिष्ट, सुनील कुमार बांगा, मुकेश सोनकर, कैलाश अग्रवाल, अर्जुन नेगी, मोहन नेगी, अशोक कोहली, आशीष जिंदल, टीकाराम पाण्डेय, राजेश सोलंकी, सुशील कुमार शामिल थे।


