– कांग्रेस ने कहा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान से भाजपा का दलित विरोधी चेहरा हुआ उजागर
– बकौल कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, भट्ट ने मंच के शुद्धिकरण को उचित बताया
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल व प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ को सही ठहराया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने राज्यसभा में भाजपा नेता जेपी नड्डा के वक्तव्य को भी नकारते हुए कह दिया कि रामलीला मैदान में रैली के दौरान कथित रूप से गंदगी हुई और उसके बाद शुद्धिकरण किया गया तो इसमें गलत क्या है। गोदियाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों की भावनाओं का अपमान है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ दलित नेता की सभा के बाद सार्वजनिक स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को उचित ठहराया जा रहा है।
गोदियाल ने कहा कि भारत का संविधान छुआछूत और जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से निषिद्ध करता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की जाति अथवा सामाजिक पहचान के संदर्भ में ‘शुद्धिकरण’ जैसी सोच को उचित ठहराना सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन उसके प्रदेश अध्यक्ष के बयान से उसके कथनी और करनी का अंतर सामने आ गया है। यदि किसी सार्वजनिक स्थल पर कथित रूप से कोई अनुचित घटना हुई थी तो उसकी शिकायत या कानूनी कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन किसी व्यक्ति अथवा समुदाय की सामाजिक पहचान को लेकर ‘शुद्धिकरण’ की मानसिकता को वैध ठहराना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
कांग्रेस प्रवक्ता डा.प्रतिभा सिंह ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ देश के वरिष्ठतम सार्वजनिक नेताओं में से एक हैं। उनके प्रति इस प्रकार की टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विरुद्ध है। खड़गे ने इस विषय को राज्यसभा में भी उठाया था और इसे अपमानजनक बताया था तथा भाजपा के ही नेता जेपी नड्डा ने इसकी स्वकारोक्ति की थी परन्तु अब महेन्द्र भट्ट का यह बयान भाजपा की कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेतृत्व से मांग की कि वह महेन्द्र भट्ट के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करे और सामाजिक समानता तथा संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करे। उन्होंनेे चेतावनी दी कि दलित समाज के सम्मान, सामाजिक बराबरी और संविधान की मूल भावना के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान उत्तराखंड की शांतिप्रिय और समरस सामाजिक परंपरा के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है।
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कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट द्वारा हल्द्वानी प्रकरण को जायज ठहराये जाने सम्बन्धी बयान पर कांग्रेस पार्टी ने विरोध जताते हुए थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ एस.सी./एस.टी. एक्ट में मुकदमा दर्ज कराये जाने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 8 अगस्त 2026 को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति में हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी संगठनों द्वारा रामलीला मैदान के शुद्धीकरण के नाम पर मल्लिकार्जन खड़गे के साथ साथ अपितु पूरे अनुसूचित जाति समाज का आपमान किया गया।
कांग्रेस ने कहा कि महेन्द्र भट्ट द्वारा सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद होने के बावजूद इस प्रकरण पर ठोस कार्रवाई कराने की बजाय इस प्रकरण में शामिल लोगों का न केवल बचाव किया जा रहा है अपितु उनकी पार्टी के सहयोगी संगठनों द्वारा किये गये इस कुकृत्य को जायज ठहराया जा रहा है। महेन्द्र भट्ट के इस आचरण से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भारी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार देता है। जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। . कांग्रेस का कहना है कि हमारे संविधान का अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण की गारंटी देता है जिसमें किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव स्वीकार्य नहीं है तथा अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है और उससे उत्पन्न किसी भी प्रकार की प्रथा को दंडनीय अपराध घोषित करता है। जातिवादी सोच केवल किसी व्यक्ति का अपमान नहीं करती, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।
मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ ही वर्तमान में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उनके साथ किये गये अपमानजनक व्यवहार को जायज ठहराना न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि यह संवैधानिक पदों तथा विपक्ष की गरिमा के प्रति भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। .कांग्रेस पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संवैधानिक पद पर आसीन नेता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य को स्वीकार नहीं करती है। महेन्द्र भट्ट ने इस प्रकार का बयान देकर न केवल राजनैतिक मर्यादाओं का हनन किया है अपितु अपराधियों को संरक्षण देने का कृत्य भी किया है।
थाना कोतवाली को सौैंपे शिकायती पत्र में प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खडगे कांग्रेस पार्टी के सम्मानित वरिष्ठ दलित नेता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, उनके साथ हुए इस दुर्व्यवहार से कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता आहत है। उन्होंने थाना कोतवाली देहरादून में एस.सी./एस.टी. एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाय।

हल्द्वानी प्रकरण को जातीय रंग देने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश मे चल रही त्रुटिहीन मतदाता सूची के लिए चल रही एसआईआर की प्रक्रिया मे सहयोग करना चाहिए, न बल्कि इसमें तुष्टिकरण का भाव देखकर विरोध करे। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी प्रकरण मे कांग्रेस जातीय समीकरण तलाश रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
चौहान ने कहा कि निर्वाचन आयोग को दिये गए शिकायती पत्र मे कांग्रेस ने एसआईआर मे महज धर्म विशेष के लोगों को प्रताड़ित करने की बात की है और यह उसके पुराने स्वभाव तुष्टिकरण से मेल खाता है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग और जाति से भी लोग प्रक्रिया मे सहयोग कर रहे हैं और उनको भी नोटिस मिल रहे हैं, अथवा वह नाम काटे जाने की आशंका जताते रहे हैं। हालांकि बिना सुनवाई के किसी का नाम काटा जाना संभव नही है, लेकिन कांग्रेस महज एक पक्षीय बात कर रही है और इससे साफ है कि उसकी मंशा मे खोट है। महज कुछ विधान सभा क्षेत्र और वर्ग विशेष की बात कर कांग्रेस अपने इरादों को ही जाहिर कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एसआईआर प्रक्रिया में दर्ज आपत्तियों में शिकायत के बजाय उनके निस्तारण में सहयोग की करने की जरूरत है। त्रुटिहीन मतदाता सूची निर्माण सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, लिहाजा भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह उन्हें भी मतदाताओं एवं संवैधानिक संस्थाओं की मदद करनी चाहिए। कांग्रेस हमेशा की तरह इस बार भी एसआईआर पर दोहरा रुख अपना रही है, एक तरफ त्रुटिहीन मतदाता सूची की वकालत करती है, दूसरी तरफ अनमेप्ड और आपत्तियों पर झूठे आरोप लगाती हैं। न तो कांग्रेस पार्टी की मंशा है सफल एसआईआर की और न ही उनके पास प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता हैं।
कांग्रेस जानती है कि देश की तरह प्रदेश में भी वोटरों का एक बड़ा तबका है जो अवैध तरीके से मतदाता सूची में प्रवेश कर गया था। अब ऐसे नाम हट रहे हैं या उनपर आपत्तियां लग रही हैं और कांग्रेस को परेशानी हो रही है, जो कहीं न कहीं दर्शाता है कि ये सभी कांग्रेस पार्टी को अपने समर्थक लगते हैं। अगर, आपत्तियों पर उन्हें कोई समस्या है तो उन्हें जमीन पर निस्तारण के लिए उतरना चाहिए। भाजपा की तरह उनके नेताओं कार्यकर्ताओं को मतदाताओं को जागरूक कर, उनके कागजात पूरे करवाकर और अन्य तरीकों से सहयोग कर आपत्तियों का निस्तारण करवाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी प्रकरण मे कांग्रेस जातीय कार्ड खेलने की कोशिश कर रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैदान मे सफाई कार्य करने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि उसका भाजपा से कोई लेना देना नही है और भाजपा ने भी इसका समर्थन नही किया। हालांकि मैदान मे लगने वाले समुदाय विशेष के नारों से व्यथित संस्था ने इसी कारण कुछ सफाई का कार्य किया हो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म और जातीय कार्ड खेलकर वातावरण को दूषित करने की कोशिश कर रही है और जनता उसकी मंशा को भली भाँति जानती है। भाजपा का मत सबका साथ सबका विकास है और कांग्रेस की कांग्रेस जाति और धर्म आधारित बांटने की कोशिश का जनता करारा जवाब देगी।

