पहाड़ का सच/एजेंसी।
नई दिल्ली। नेपाल-चीन के सीमावर्ती इलाकों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस बाढ़ में कम से कम 305 तीर्थयात्री भी लापता हो गए हैं, जिनमें से 100 से अधिक भारतीय हैं। सबसे ज्यादा तबाही भोटेकोशी नदी के किनारे बसे इलाकों में हुई है।

उत्तरी रसुवा में बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के चार जवान अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। वहीं, भारत ने भी कई टुकड़ियों को हाई अलर्ट पर रखा है और सीमा पर नदियों के जल स्तर की निगरानी की जा रही है।
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नेपाल में बाढ़ से भारत में अलर्ट, बिहार के कई जिलों में सतर्कता बढ़ाई
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बीच, भारत में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की खबर है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते भारत के पड़ोसी इलाकों में अधिकारियों ने निगरानी और एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हालात पर लगातार नजर रखने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि एक उच्च-स्तरीय टीम बनाई गई है। मुख्य सचिव और डीजीपी इस पर नजर रख रहे हैं और मैं भी एक बैठक कर रहा हूं। जरूरत पड़ने पर मैं खुद वहां जाऊंगा।” नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) की आशंका और बिहार से होकर बहने वाली नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए, पश्चिम चंपारण के जिला मजिस्ट्रेट तरनजोत सिंह ने अधिकारियों और कार्यकारी इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे नेपाल सीमा के पास बसे गांवों और गंडक नदी के किनारे स्थित इलाकों में सभी जरूरी एहतियाती उपाय करें।
नेपाल में फंसे भारतीय, भारतीय दूतावास ने दिया अपडेट
नेपाल में आई बाढ़ में 105 भारतीय लापता हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में भारतीय नेपाल के अंदर फंसे हुए हैं। इस बीच काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अपडेट दिया है। भारतीय दूतावास ने कहा कि नेपाल सरकार के साथ संपर्क में हैं ताकि फंसे हुए भारतीयों को जल्द से जल्द निकाला जा सके। भारतीय दूतावास ने कहा कि राहत और बचाव के प्रयासों को नेपाल सरकार की मदद से तेज किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने बालेन शाह से की बात, मदद का ऐलान
पीएम मोदी ने नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और इस घटना में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत के लोग नेपाल के भाइयों और बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार है। भारतीय टीम राहत और बचाव के प्रयासों में समन्वय कर रही है।
नेपाल में राहत सामग्री भेजेगा भारत, भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी
नेपाल सरकार द्वारा मदद की गुहार के बाद भारत सरकार अब राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जितना जल्द हो सकेगा, नेपाल को मदद भेजी जाएगी। भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी की है। भारतीय दूतावास ने कहा कि ये हेल्पलाइन भारतीयों के लिए जारी की गई है। +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500, भारतीय इन आपातकालीन नंबरों पर फोन कर संपर्क कर सकते हैं।
नेपाल सरकार ने भारत और चीन से मांगी मदद, अब तक 16 की मौत
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद अब बालेन शाह सरकार ने भारत से मदद मांगी है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह भारत और चीन के साथ तालमेल बना रहा है। चीन से भी मदद मांगी गई है। इस बीच नेपाल में बाढ़ की वजह से बिहार में भी पड़ोसी जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है। कोसी और गंगा से सटे जिलों में अलर्ट है। भारत सरकार ने नेपाल के अनुरोध पर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। नेपाल में बाढ़ को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी चिंता जताई है।
भूकंप से हुआ हिमस्खलन, उससे आई बाढ़: नेपाल विदेश मंत्री
नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि शुरुआती रिपोर्ट में पता चला है कि चीन से सटे इलाके में एक भूकंप की वजह से हिमस्खलन हुआ और फिर उससे भोटे कोशी बेसिन में अचानक भयानक बाढ़ आ गई। नेपाली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्यप्रू बेस और तिमूरे इलाके में अचानक से बाढ़ आई है। सैटलाइट तस्वीर से पता चला है कि इस बाढ़ की वजह से इलाके में इमारतें और सड़कें बह गई हैं।
कैलाश मानसरोवर जाने वाले 400 यात्री लापता, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी
नेपाल सरकार ने बताया है कि अचानक आई प्रलयकारी बाढ़ की वजह से कैलाश मानसरोवर जाने के लिए निकले 400 यात्री लापता हैं। इस बाढ़ से कई गांव बह गए हैं। इस बीच नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जा रहे पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी किया है। नेपाल सरकार ने कहा कि पर्यटक जो रसूवा, नूवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और अन्य इलाकों में जा रहे हैं या रुके हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अत्यधिक सतर्कता बरतें। नदी, नदी के किनारे और पुलों के आसपास न जाएं।
नेपाल के 41 सुरक्षाकर्मी लापता, कम से कम 14 की मौत
नेपाल में तिब्बत से आई भयानक बाढ़ में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं नेपाल के रसुवा जिले में 41 सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल इनकी तलाश कर रहा है। जो जवान लापता हैं, उनमें 32 नेपाल पुलिस के और 9 सशस्त्र पुलिस के जवान हैं। नेपाल सरकार ने कई रास्तों को बंद करने का आदेश दिया है। इसमें काठमांडू से नागदुंगा, नागदुंगा से धाडिंग, गलची से त्रिशूली आदि शामिल हैं।
बालेन शाह ने तैनात की नेपाली सेना, हेलिकॉप्टर भेजे
नेपाल के पीएम बालेन शाह ने भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव के लिए सेना और पुलिस को प्रभावित इलाकों में तैनात किया है। नेपाल का प्रशासन बाढ़ में जिंदा बचे लोगों की तलाश कर रहा है। इसके अलावा नेपाल के जो नागरिक निचले इलाके में रह रहे हैं, उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। बालेन शाह ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ भूस्खलन के बाद एक्शन में शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश और उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया है। भूस्खलन में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, आपात स्थिति से निपटने के अभियान में मदद के लिए पीपुल्स आर्म्ड पुलिस के शिगात्से दस्ते के 145 अधिकारियों और जवानों को भूस्खलन प्रभावित सीमावर्ती इलाके में स्थित बंदरगाह भेजा गया है। चीन का तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र नेपाल के साथ करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
बिहार में हाई अलर्ट, भारत में एसएसबी की कई टीमें तैयार
नेपाल में आए भीषण बाढ़ के कारण बिहार में सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नदियों के जल स्तर की निगरानी की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की कम से कम 11 टीमों को राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। भारत हर परिस्थिति से निपटने और नेपाल की मदद के लिए भी तैयार है।
पीएम बालेन शाह ने बुलाई आपात बैठक, रेस्क्यू का दिया आदेश
द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट है कि बाढ़ ने नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घरों को बहा दिया और दो पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है। हालात को देखते हुए, नेपाली प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित इलाकों के संघीय सांसदों के साथ बातचीत की है। बातचीत मुख्य रूप से बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय बस्तियों की स्थिति, और बचाव व राहत कार्यों पर केंद्रित थी। इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में ताजा स्थिति और बचाव, खोज व राहत कार्यों की प्रगति के बारे में उच्च-स्तरीय जानकारी लेने के लिए ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद’ की बैठक बुलाई थी।
नेपाली सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी
नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और पुलिस को तैनात किया गया है। 14 हेलिकॉप्टर भी तलाशी और बचाव अभियान में शामिल किए गए हैं। उत्तरी रसुवा में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात एपीएफ के चार जवान अचानक आई बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं। एपीएफ के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने कहा कि नेपाल-चीन के समीपवर्ती इलाके में बाढ़ आने के बाद से ही ये चार जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। कार्की ने कहा, “बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है,” और साथ ही कहा कि अधिकारियों को अभी यह पता लगाना है कि क्या लापता जवान बाढ़ से प्रभावित हुए थे या नहीं।
नेपाल में बाढ़ के कारण 105 भारतीय नागरिक लापता
नेपाल में बाढ़ के कारण 105 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। ये लोग नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। कुल लापता लोगों की संख्या लगभग 400 है, जिनमें नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल सरकार लापता लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
नेपाल में बाढ़ से आठ लोगों के मौत की पुष्टि
नेपाल के रसुवा में बाढ़ के कारण आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, नुवाकोट में चार और धाडिंग में तीन शव मिले हैं। कांतिपुर समाचार के अनुसार बागमती प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी ने शवों के मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमने इलाज के लिए दो घायलों को काठमांडू भेजा है।”
वहीं, काठमांडू पोस्ट ने है नेपाली आर्मी प्रवक्ता के हवाले से बताया कि बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को नेपाल में तिब्बत से आई विनाशकारी बाढ़ से तबाही मची हुई है। यह बाढ़ भोटे कोशी नदी में आई है। इस बाढ़ से नेपाल के नुवाकोट और धाडिंग जिलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।
नेपाल सरकार के अनुसार, चीन के तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे लगभग 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं। इस बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है, लेकिन उनकी गति काफी धीमी है। भारत ने भी सीमा सुरक्षा बल की कई टुकड़ियों को हाई अलर्ट पर रखा है।

