
पहाड़ का नाम/ एजेंसी।
सूरत। गुजरात के सूरत में सरकारी मेडिकल कॉलेज के 4 सीनियर डॉक्टरों द्वारा जूनियर डॉक्टर से रैंकिंग का मामला सामने आया है। एक फर्स्ट ईयर स्टूडेंट को रैगिंग के जरिए सुसाइड के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। 9 अगस्त को हर्ष अपने हॉस्टल में मृत पाए गए थे। एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि आरोपी सीनियरों ने 10 जूनियर स्टूडेंट्स को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। संस्थान ने चारों को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार खतोदरा थाने के एक अधिकारी ने बताया कि 9 अगस्त की सुबह 30 वर्षीय हर्ष पांड्या की लाश हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी पाई गई थी। इसके बाद न्यू सिविल हॉस्पिटल से जुड़े गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के स्नातोकोत्तर के दूसरे साल के 4 सीनियर डॉक्टरों निराली वसावे, अनुज माहेश्वरी, दीक्षिता घेवरिया और हिना भुत के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
आरोपी डॉक्टरों को सोमवार को संस्थान से 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया। संस्थान की ‘रैगिंग’ रोधी समिति ने जांच में पाया कि वे हर्ष पांड्या समेत प्रथम साल के 10 विद्यार्थियों को परेशान करने में शामिल थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 127 (2), 352 और 54 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

