
इनमें 29 सहायक अभियंता, 1 सहायक लेखाधिकारी एवं 6 अवर अभियंता शामिल
निगम के एमडी पीसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित समिति का फैसला
पहाड़ का सच देहरादून। पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित वित्तीय स्तरोन्नयन समिति की संस्तुति के बाद मानव संसाधन एवं प्रशासनिक विभाग द्वारा 36 कार्मिकों को उनकी अनुमन्यता की तिथि से प्रथम वित्तीय स्तरोन्नयन स्वीकृत करने के आदेश जारी किये गए हैं।
महाप्रबंधक मानव संसाधन अशोक कुमार जुयाल ने बताया कि 24 सहायक अभियन्ता अधिकारियों को द्वितीय, 5 सहायक अभियंता अधिकारियों को तृतीय, 1 सहायक लेखाधिकारी को तृतीय तथा 6 अवर अभियंताओं को उनकी अनुमन्यता की तिथि से प्रथम वित्तीय स्तरोन्नयन स्वीकृत करने के आदेश जारी किये गए हैं। उक्त अधिकारियों को तृतीय वित्तीय स्तरोन्नयन अनुमन्य होने के पश्चात उनके वेतन में प्रतिमाह लगभग 4500 (रूपये चार हजार पांच सौ) से रूपये 73000 (रुपये तिहत्तर हजार) तक की वृद्धि होनी सम्भावित है।

जुयाल का कहना है कि प्रबन्ध निदेशक द्वारा समस्त लाभकारी कार्मिकों को बधाई दी गयी तथा अवगत कराया गया कि प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष, पिटकुल आनन्द बर्द्धन तथा प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डाॅ0 आर0 मीनाक्षी सुन्दरम के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देशों में पिटकुल के सभी कार्मिकों द्वारा टीम भावना एवं पूर्ण मनोयोग से किये जा रहे कार्यों के कारण पिटकुल निरन्तर प्रगति की ओर बढ रहा है। .
प्रबंध निदेशक ने सभी कार्मिकों से अपना कार्य पूर्ण निष्ठा के साथ किये जाने एवं कारपोरेशन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु अपना शत-प्रतिशत योगदान दिये जाने की अपेक्षा की। उक्त आदेशों के जारी होने के उपरान्त कार्मिकों में खुशी की लहर है। लाभान्वित अधिकारियों द्वारा प्रबन्ध निदेशक का धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया गया.
समिति की बैठक में पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी, मुख्य अभियंता एचएस ह्याँकि, महाप्रबन्धक (मासं) अशोक कुमार जुयाल, एवं महाप्रबन्धक (वित्त) मनोज कुमार, महाप्रबन्धक (वित्त) सम्मिलित हुये।
इस अवसर पर मानव संसाधन एवं प्रशासनिक विभाग से विवेकानन्द, उपमहाप्रबन्धक (मा0सं0), एवं विपिन कुमार पाल, कार्यालय अधीक्षक-प्रथम, श्रीमती ममता, कार्यालय अधीक्षक प्रथम उपस्थित रहे। वो। . जानिए क्या होता है वित्तीय स्तरोन्नयन : (Financial Upgradation) किसी कर्मचारी को उसकी नियमित पदोन्नति (Promotion) न होने पर एक निश्चित समय (जैसे 10, 20 या 30 वर्ष) की सेवा पूरी करने के बाद उच्च वेतनमान (Higher Pay Scale) या बढ़ा हुआ ग्रेड वेतन प्रदान करना है। इसे सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में कर्मचारियों की कार्यकुशलता बनाए रखने और उन्हें आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया जाता है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं : बिना पद के परिवर्तन (Non-functional) के भी कर्मचारी का वेतन और ग्रेड बढ़ जाता है।जब लंबे समय तक प्रमोशन के पद खाली नहीं होते हैं, तब यह कर्मचारियों के करियर में ठहराव को रोकता है।.सी.पी.के तहत कर्मचारी को 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर तीन वित्तीय स्तरोन्नयन दिए जाते हैं। .कर्मचारियों को दस साल की सेवा के बाद पहला, बीस साल की सेवा पर दूसरा,तीस साल की सेवा पूरी होने पर तीसरा। वित्तीय स्तरोन्नयन (Upgradation) में केवल वेतन और ग्रेड बढ़ता है, लेकिन मूल पद और जिम्मेदारियां वही रहती हैं।

