
नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ बीते एक महीने से दिल्ली सहित देश के हर कोने में हो रहे थे प्रदर्शन
पहाड़ का सच/एजेंसी नई दिल्ली/देहरादून।नीट परीक्षा पेपर लीक के मामले से जुड़े देश भर के छात्रों के भारी विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर बताया है कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को भेजा है, हालांकि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार होना बाक़ी है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताक़तें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य क़ानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फ़ोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन और राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।
इस्तीफे के मुख्य कारणNEET-UG विवाद: 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के बाद से लगातार हंगामा जारी था।
छात्र आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से छात्रों और विभिन्न समूहों का प्रदर्शन चल रहा था, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख थी।
नैतिक जिम्मेदारी: बढ़ते आक्रोश और व्यवस्था की जवाबदेही तय करने के वास्ते उन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया।
सरकारी कदम: मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है और आगामी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित (CBT) प्रणाली व नए सुधारों पर जोर दिया जा रहा है।

