
नैनीताल। जनपद के भवाली में व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे ने पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर फिनाइल पी लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

कुमाऊं यूनिवर्सिटी की एक नाबालिग छात्रा ने नरेश पांडे पर रेप और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए हैं। मामले में कुछ अन्य महिलाओं ने भी पांडे के खिलाफ पुलिस को सबूत दिए थे। इसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
पुलिस जब आरोपी के घर कार्रवाई के लिए पहुंची तो पांडे और उनके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पांडे फेसबुक पर लाइव भी आया और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नरेश पांडे की पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाती हुई नीचे लिंक पर देखें
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नरेश पांडे की पत्नी ने आरोप लगाया कि तीन-चार गाड़ियों में आई पुलिस टीम ने बिना किसी अरेस्ट वारंट या कानूनी दस्तावेज के नरेश पांडे को जबरन हिरासत में लिया। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान कोई महिला कॉन्स्टेबल भी मौजूद नहीं थी और सिविल ड्रेस में आई महिला अधिकारियों व पुलिसकर्मियों ने घर की महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ मारपीट व अभद्रता की। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि राजनीतिक दबाव में उनके पति का एनकाउंटर किया जा सकता है।
नरेश पांडे की मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके साथ घसीटकर मारपीट की, जिससे उनके दांत हिल गए और शरीर पर नाखून के निशान आ गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को उनके बेटे को गिरफ्तार करना ही था, तो उन्हें पहले कानूनी कागज क्यों नहीं दिखाए गए।
इसके साथ ही मां ने शरीर पर पुलिस द्वारा खींचे जाने के कारण आए नाखून के निशान भी दिखाए और आरोप लगाया कि उन्हें सड़क पर पटका गया, जिससे उनकी जान भी जा सकती थी। डर है कि इस राजनीतिक मिलीभगत के कारण उनके बेटे की हत्या भी की जा सकती है।
कुमाऊं यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा ने लगाए थे शारीरिक शोषण के आरोप
बताते चलें कि नैनीताल के कुमाऊं यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा ने भवाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में FIR दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि जब वह 17 साल की थी, तब नरेश पांडे ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और साढ़े तीन साल से अधिक समय तक उसका शारीरिक शोषण किया।
इस दौरान गर्भवती होने पर आरोपी ने दबाव बनाकर उसका गर्भपात भी कराया। इस मामले में केवल पीड़िता ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य महिलाओं ने भी आरोपी पांडे के खिलाफ पुलिस को पुख्ता सबूत और साक्ष्य सौंपे थे।
अग्रिम जमानत याचिका हो गई थी खारिज
आरोपी नरेश पांडे के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उसे राजनीतिक द्वेष और लोकप्रियता के कारण झूठा फंसाया जा रहा है। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ भवाली थाने में गुंडा एक्ट समेत 8 मामले दर्ज हैं। नैनीताल की सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
पुलिस से घिरता देख नरेश पांडे और उसके परिजनों ने किया हंगामा
कोर्ट से राहत न मिलने के बाद आरोपी फरार चल रहा था। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे पुलिस को भनक लगी कि नरेश पांडे अपने घर आया हुआ है। नैनीताल पुलिस की टीम तीन से चार गाड़ियों में भारी बल के साथ उसे हिरासत में लेने पहुंची।
खुद को पुलिस से घिरता देख नरेश पांडे और उसके परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी तुरंत प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आ गया। लाइव वीडियो में उसने आरोप लगाया कि पुलिस बिना वारंट के उसे गिरफ्तार करने आई है, उसकी नाबालिग बेटी के साथ धक्का-मुक्की की और परिवार के मोबाइल फोन छीन लिए।
उसने पुलिस पर मारपीट का भी आरोप लगाया। लाइव वीडियो के दौरान ही माहौल बिगाड़ने और सहानुभूति बटोरने के उद्देश्य से आरोपी ने एक बोतल दिखाते हुए पुलिस के सामने ही फिनाइल गटक लिया और आत्मदाह की धमकी दी। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

