
परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रबंध निदेशक ऑफिस भेजने के निर्देश
मानसून सत्र में सुरक्षा के मानकों की अनदेखी न करें, आम लोगों को भी परेशानी न हो
पहाड़ का सच देहरादून। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही ऊर्जा निगम के प्रबन्ध निदेशक पीसी ध्यानी ने बिजली के ऑन गोइंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा शुरु कर दी है। उन्होंने एडीबी योजना की परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर करने के निर्देश के साथ ये भी कहा कि योजना की हर हफ्ते मुख्यालय(एमडी ऑफिस) में समीक्षा भी होगी। इसी कार्य शैली के चलते ध्यानी ने पिटकुल में प्रबंध निदेशक रहते सभी प्रोजेक्ट्स समय से पहले पूरे कर निगम को मुनाफे में ले आए थे।

प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने मंगलवार को एडीबी परियोजना के अंतर्गत देहरादून शहर में संचालित विद्युत केबल अंडरग्राउंडिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं संबंधित अभियंताओं ने कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
परियोजना के अन्तर्गत देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों पर 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी विद्युत लाइनों को भूमिगत किये जाने, आरएमयू, कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन तथा एलटी फीडर पैनलों की स्थापना का कार्य एडीबी परियोजना के अन्तर्गत किया जा रहा है।

इस परियोजना के कार्यों की कुल भौतिक प्रगति लगभग 72 प्रतिशत है। परियोजना के अंतर्गत 33 केवी लाइन 67 किमी, 11 केवी लाइन 193 किमी, एलटी लाइन 716 किमी तथा सर्विस लाइन 180 किमी के भूमिगतिकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वर्तमान तक 400 आरएमयू के लक्ष्य के सापेक्ष 318 आरएमयू कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन तथा 4618 एलटी फीडर पैनल स्थापित किये जा चुके हैं।
परियोजना के अंतर्गत कुल 53 सड़कों में से 28 सड़कों पर कार्य पूर्ण कर लगभग 60 किमी सड़कें सम्बंधित विभागों को हस्तांतरित की जा चुकी है। वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर कार्य प्रगति पर है तथा शेष मार्गों के लिए सम्बंधित विभागों से अनुमति प्राप्त होते ही कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।
बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि परियोजना के समस्त कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर भूमिगत केबल बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है, वहा आवश्यक परीक्षण एवं औपचारिकताएं पूर्ण कर विद्युत लाइनों को शीघ्र ऊर्जीकृत (म्दमतहप्रम) किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को परियोजना का लाभ जल्द से जल्द प्राप्त हो सके।
उन्होंने विशेष रूप से मानसून के दृष्टिगत कार्यस्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानको, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा प्रचलित नियमों एवं विनियमों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ संपादित किए जाएं। कार्यस्थलों पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रबंध निदेशक ने यह भी निर्देशित किया कि परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उनके कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, जिससे कार्यों की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय लिए जा सकें।
एमडी ने कहा कि यूपीसीएल की सर्वोच्च प्राथमिकता देहरादून शहर के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना तथा भूमिगत केबलिंग के माध्यम से शहर की सौंदर्य वृद्धि, सुरक्षित विद्युत वितरण व्यवस्था एवं आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूर्ण करने का आह्वान किया।

