प्राइमरी सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाए: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन
पोलीहाउस परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे विभागीय सचिव
पहाड़ का सच देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में प्राइमरी सेक्टर पर जोर देते हुए, ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत् अधिक से अधिक प्रोजेक्ट शामिल किए जाने के अफसरों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाली हाउस परियोजना की सचिव साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।

सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने प्रोजेक्ट अगले तीन दिन में पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के लिए भी प्रस्ताव शीघ्र अपलोड किए जाएं, ताकि समय से प्रतिपूर्ति जारी की जा सके।

उन्होंने धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर भी चिंता जाहिर करते हुए पुरानी परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। .उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव स्लो गोईंग प्रोजेक्ट्स की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए कार्यों को पूर्ण कराएं। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों द्वारा एकीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रोजेक्ट तैयार करने पर ही किसी क्षेत्र में योजनाओं का उचित लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। कृषि-बागवानी क्षेत्र में सम्पूर्ण लिंकेज के साथ एक से अधिक क्लस्टर्स को शामिल करते हुए बड़े प्रोजेक्ट बनाए जाएं। .उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में एक क्षेत्र के आसपास के सभी क्लस्टर्स को कोल्ड चेन, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन आदि की सुविधा एक ही प्राजेक्ट के अंतर्गत मिल सके। इसके लिए नाबार्ड से तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराए जाने का भी अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह सभी परियोजनाओं का अध्ययन कर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 4, 5 क्षेत्र चिन्हित करते हुए इन चिन्हित क्षेत्रों के एक सम्पूर्ण लिंकेज प्लान तैयार करने में तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध करा सकें। इस पर नाबार्ड ने शीघ्र एक टीम लगाए जाने के आश्वासन दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग को पॉलीहाऊस परियोजना को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण कराए जाने हेतु सचिव स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करते हुए लगातार निगरानी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशुपालन विभाग को भी सभी जनपदों में बड़े स्तर के अस्पतालों को स्थापित कर दूरस्थ क्षेत्रों में पशुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जो प्रोजेक्ट पूर्ण हो चुके हैं, उन प्रोजेक्ट्स के पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र एवं रिपोर्ट, शीघ्र से शीघ्र नाबार्ड को उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 1 हजार करोड़ के प्रस्ताव का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 500 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो गए हैं। इनमें से कुल 271 करोड़ के प्रस्ताव नाबार्ड को प्राप्त हो गए हैं, इन 271 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में से 210 करोड़ की डीपीआर नाबार्ड को प्राप्त हो गई हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, सी. रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल एवं सीजीएम नाबार्ड पंकज यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अर्थव्यवस्था का वह भाग जो सीधे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके कच्चे माल का उत्पादन या निष्कर्षण करता है, प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector) कहलाता है। इसे ‘कृषि और संबद्ध क्षेत्र’ भी कहा जाता है। यह क्षेत्र अन्य सभी उद्योगों के लिए आधार का काम करता है।प्राथमिक क्षेत्र में शामिल प्रमुख गतिविधियाँप्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत प्रकृति से प्राप्त होने वाले उत्पादों और संसाधनों पर आधारित गतिविधियाँ आती हैं -कृषि: विभिन्न फसलों का उत्पादन, फलों की खेती आदि।
पशुपालन: दूध, मांस और ऊन प्राप्त करने के लिए पशुओं को पालना।मत्स्य पालन (Fishing): प्राकृतिक जलाशयों या मछली पालन केंद्रों से मछलियां निकालना।वानिकी (Forestry): वनों से लकड़ी, गोंद, जड़ी-बूटियाँ और अन्य उत्पाद प्राप्त करना।खनन और उत्खनन (Mining and Quarrying): पृथ्वी के गर्भ से कोयला, खनिज, तेल और गैस निकालना।+3 RIDF का पूरा नाम ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (Rural Infrastructure Development Fund) है।यह एक विशेष वित्तीय कोष है जिसे भारत सरकार द्वारा 1995-96 में स्थापित किया गया था।
इसका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकारों को ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे (सड़कें, सिंचाई, और सामाजिक क्षेत्र) के निर्माण के लिए कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना है। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा किया जाता है।

