
18 सूत्रीय मांगों पर विभागवार कार्रवाई का मार्ग हुआ प्रशस्त
पहाड़ का सच देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड की विभिन्न कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों के संबंध में दिनांक 26 मई 2026 को मुख्य सचिव उत्तराखंड की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक का कार्यवृत्त शासन द्वारा जारी कर दिया गया है। कार्यवृत्त जारी होने के साथ ही परिषद की 18 सूत्रीय मांगों पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार पांडे ने बताया कि परिषद द्वारा कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से बैठक में रखा गया था। अब शासन द्वारा जारी कार्यवृत्त में प्रत्येक मांग के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाईए परीक्षण एवं आगे की प्रक्रिया निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यवृत्त के अनुसार एसीपी 10ए 16 एवं 26 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों से संबंधित प्रकरणों पर वित्त विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में पृथक बैठक आयोजित कर निर्णय लिया जाएगा। वहीं वाहन भत्ता एवं यात्रा भत्ता की दरों में संशोधन के प्रस्तावों पर भी विचार करते हुए उन्हें मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गोल्डन कार्ड योजना के अंतर्गत कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर भी गंभीरता से विचार किया गया एवं मुख्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार सचिव स्वास्थ्य उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में परिषद की एक बैठक पूर्व में हो चुकी है जिसमें बनी सहमति के आधार पर माननीय मंत्रीमंडल द्वारा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को धनराशि जारी करने का न्णिय भी किया जा चुका है। अब र्कार्यवृत्त के निर्णय के अनुसार मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभागए वित्त विभागए कार्मिक विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक आयोजित कर परिषद की सचिवए स्वास्थ्यए उत्तराखंड शासन के साथ बैठक में बनी सहमति के आधार पर योजना में आवश्यक सुधार एवं समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
कार्यवृत्त के बिन्दु संख्या.4 पर बनी सहमति के आधार पर निर्णय किया गया है कि ष्ष्जिन कार्मिकों की कुल सेवा 10 वर्ष से अधिक की हो चुकी हो उन्हैं पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ दिये जाने हेतु निर्धारित अवधि से प्रोवेशन की शर्त को हटाया जाय। इस सम्बन्ध में समस्त राजकीय विभागों हेतु एक स्थायीकरण नियमावली का गठन किया जायेगा परिवीक्षा को केवल सीधी भर्ती के पदों एंव संवर्ग परिवर्तन होने वाले पदों हेतु अनिवार्य किया जायेगा तथा अन्य पदों हेतु परिवीक्षा में छूट प्रदान किये जाने का युक्तियुक्त परीक्षण किया जायेगा इस सन्दर्भ में उत्तर प्रदेश राज्य की स्थायीकरण नियमावली का भी परीक्षण करते हुए यथावश्यक कार्यवाही की जायेगीष्ष्। इस निर्णय से उन कार्मिकों को लाभ होगा जिनके सेवाकाल में पदोन्नति हेतु निर्धारित समय के दृष्टिगत परिविक्षा अवधि बाधा बन रही थी।
इसके अतिरिक्त सातवें एवं आठवें वेतन आयोग से संबंधित विषयए पदोन्नति में आ रही बाधाओं का निराकरणए सेवा नियमावलियों में आवश्यक संशोधनए वर्कचार्ज कर्मचारियों के प्रकरणए चिकित्सा प्रतिपूर्तिए मकान किराया भत्ताए राशिकरणए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों सहित विभिन्न कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर संबंधित विभागों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कार्यवृत्त में वार्षिक चरित्र पंजिका ;एसीआरद्ध के समयबद्ध अंकन तथा आईएफएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई का उल्लेख किया गया हैए जिससे भविष्य में कर्मचारियों को तकनीकी कठिनाइयों से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार पांडे एवं महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि कार्यवृत्त जारी होना परिषद के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि परिषद अब कार्यवृत्त में उल्लिखित प्रत्येक बिंदु के क्रियान्वयन की सतत समीक्षा करेगी तथा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों के समयबद्ध समाधान के लिए शासन स्तर पर निरंतर प्रयास जारी रखेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार कार्यवृत्त में उल्लिखित बिंदुओं पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

