
16 मई को महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर कमेटी भंग हुई व दो कार्यकारी अध्यक्षों की हुई नियुक्ति
एक हफ्ते बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नए आदेश में 16 मई को जारी आदेश वापस लिए
पहाड़ का सच देहरादून। उत्तराखंड महिला कांग्रेस में चले राजनीतिक घटनाक्रम में महज एक हफ्ते में ही बड़ा फेरबदल हो गया। 16 मई को राज्य महिला कांग्रेस की कमेटी भंग करने के साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं के लिए दो कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश हुए जो महज एक हफ्ते ही अस्तित्व में रहे। 23 मई को भंग कार्यकारिणी बहाल कर दी गई और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश वापस ले लिए गए।
उत्तराखंड महिला कांग्रेस में दो कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा की तरफ से 16 मई को जारी आदेश में उत्तराखंड महिला कांग्रेस कमेटी को भंग कर दो प्रदेश महिला कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की गई। श्रीमती आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा को गढ़वाल व श्रीमती जया कर्नाटका को कुमाऊं का प्रभार सौंपते हुए सांगठनिक गतिविधियों को बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई।
उपरोक्त आदेश के एक हफ्ते बाद यानि 23 मई को महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा की तरफ से नया आदेश जारी किया गया। नए आदेश में 16 मई के आदेश को निरस्त किया गया। यानी उत्तराखंड महिला कांग्रेस की कार्यकारणी बहाल हुई और दोनों कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति रद्द कर दी गई। इस बारे में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला से संपर्क करने की कोशिश की गई ताकि उनका पक्ष आ सके,लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से गदरपुर से एक महिला कांग्रेस नेत्री का नाम उत्तराखंड महिला अध्यक्ष ने नए अध्यक्ष के रूप में चर्चा में रहा। उक्त महिला नेत्री पूर्व में प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल की इंचार्ज भी रही है। उक्त महिला प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रभारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री के करीबियों में शामिल बताई जाती है। इसके अलावा कई सरकारों में मंत्री रहे उत्तराखंड के एक नेता की करीबी महिला का नाम भी महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष के रूप में चर्चा में रहा। मंत्री की करीबी इस महिला को कांग्रेस में आए अभी कम ही समय हुआ है।



