
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
📅 दिनांक : 07 जून 2026, रविवार
• विक्रम संवत : 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
• शक संवत : 1948
• अयन : उत्तरायण
• ऋतु : ग्रीष्म ऋतु
*अमांत – 24 गते ज्येष्ठ मास प्रविष्टि*
*राष्ट्रीय तिथि – 17 ज्येष्ठ मास*
• मास : अधिक ज्येष्ठ
• पक्ष : कृष्ण पक्ष
• तिथि : सप्तमी (08 जून रात्रि 03:24 तक), तत्पश्चात अष्टमी
• नक्षत्र : धनिष्ठा प्रातः 07:55 तक, तत्पश्चात शतभिषा
• योग : वैधृति प्रातः 10:02 तक, तत्पश्चात विष्कंभ
• राहुकाल : सायं 05:28 न से 07:12 तक
• सूर्योदय : प्रातः 05: 16बजे
• सूर्यास्त : सायं 07:16 बजे
• दिशाशूल : पश्चिम दिशा
🔸 व्रत एवं पर्व
विजया सप्तमी, रविवारी सप्तमी
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⚠️ विशेष जानकारी
• सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ते हैं।
• रविवार को तिल का तेल खाना एवं शरीर पर लगाना निषिद्ध माना गया है।
• रविवार को मसूर की दाल, अदरक तथा लाल रंग के साग का सेवन नहीं करना चाहिए।
• रविवार को कांसे के पात्र में भोजन करने से बचना चाहिए।
• स्कंद पुराण के अनुसार रविवार को बिल्ववृक्ष का पूजन करने से महापापों का भी नाश होता है।
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🌷 घातक रोगों से मुक्ति हेतु उपाय 🌷
विजया सप्तमी एवं रविवारी सप्तमी के दिन बिना नमक का भोजन करें।
• वट (बड़) वृक्ष के 108 फेरे लगाएं।
• सूर्य भगवान को अर्घ्य दें।
• भोग अर्पित करें एवं यथाशक्ति दान करें।
• तिल के तेल का दीपक दिखाते हुए यह मंत्र बोलें—
“जपा कुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम।
तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्।।”
यदि घर में कोई बीमार रहता हो तो परिवार का कोई सदस्य यह विधि श्रद्धापूर्वक करे।
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🌷 विजया सप्तमी का महत्व 🌷
• विजया सप्तमी पर किया गया स्नान, दान, जप, तप, ध्यान, होम एवं उपवास विशेष पुण्यदायी माना गया है।
• सूर्य देव को अर्घ्य देने से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है।
• यह तिथि आरोग्य, तेज, ऊर्जा और सफलता प्रदान करने वाली मानी गई है।
• गंभीर रोगों से मुक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्ति के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
• जीवन की कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने हेतु सूर्य उपासना अत्यंत शुभ मानी गई है।
🙏 भगवान सूर्य नारायण एवं भगवान शिव की कृपा आप सभी पर बनी रहे। 🙏
🚩 ~ वैदिक पंचांग ~ 🚩
📌 जून 2026 के प्रमुख पंचक एवं एकादशी
🔹 पंचक प्रारंभ
📅 07 जून 2026, प्रातः 07:55 बजे (शतभिषा नक्षत्र से)
🔹 पंचक समाप्त
📅 12 जून 2026, प्रातः लगभग 10:15 बजे (रेवती नक्षत्र समाप्ति पर)
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🌷 परमा (परम) एकादशी 🌷
📅 11 जून 2026, गुरुवार
⏰ एकादशी तिथि प्रारंभ : 11 जून प्रातः 12:57 बजे
⏰ एकादशी तिथि समाप्त : 11 जून रात्रि 10:36 बजे
🌅 पारण (व्रत खोलने का समय) : 12 जून प्रातः 05:23 बजे से 08:10 बजे तक
🙏 अधिक मास में आने वाली po परमा एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, जप एवं दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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🌷 निर्जला एकादशी 🌷
📅 25 जून 2026, गुरुवार
⏰ एकादशी तिथि प्रारंभ : 24 जून सायं 06:12 बजे
⏰ एकादशी तिथि समाप्त : 25 जून रात्रि 08:09 बजे
🌅 पारण : 26 जून प्रातः
🙏 निर्जला एकादशी को समस्त एकादशियों का फल देने वाली एकादशी माना गया है। इस दिन जल तक का त्याग कर व्रत रखने का विधान बताया गया है।
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🙏 विशेष सूचना: पंचक काल में परंपरानुसार गृह निर्माण, छत डालना, लकड़ी संग्रह तथा कुछ शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। स्थानीय परंपरा एवं अपने आचार्य/पुरोहित के मार्गदर्शनानुसार निर्णय लें।
🚩 ~ वैदिक पंचांग ~ 🚩

