
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 06 जून 2026*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ऋतु*
🌤️ *अमांत – 23 गते ज्येष्ठ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 16 ज्येष्ठ मास*
🌤️ *मास – अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – षष्ठी 07 जून रात्रि 02:40 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – श्रवण सुबह 06:03 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
🌤️ *योग – इन्द्र सुबह 10:05 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️*राहुकाल – सुबह 08:48 से सुबह 10:32 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:15*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:16*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – पंचक (आरंभ : रात्रि 07:03)*
💥*विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि*
➡️ *07 जून 2026 रविवार को सूर्योदय से 08 जून प्रात: 03:24 तक रविवारी सप्तमी है।*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।*
🌷 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान, दान व श्राद्ध अक्षय होता है।*
🙏🏻 *(शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याया (10)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *रविवार सप्तमी* 🌷
🙏🏻 *रविवार सप्तमी के दिन जप/ध्यान करने का वैसा ही हजारों गुना फल होता है जैसा की सूर्य/चन्द्र ग्रहण में जप/ध्यान करने से होता |*
🙏🏻 *रविवार सप्तमी के दिन अगर कोई नमक मिर्च बिना का भोजन करे और सूर्य भगवान की पूजा करे, तो उसकी घातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं, अगर बीमार व्यक्ति न कर सकता हो तो कोई और बीमार व्यक्ति के लिए यह व्रत करे | इस दिन सूर्यदेव का पूजन करना चाहिये |*
🌞 *सूर्य भगवान पूजन विधि* 🌞
🙏🏻 *१) सूर्य भगवान को तिल के तेल का दिया जला कर दिखाएँ , आरती करें |*
🙏🏻 *२) जल में थोड़े चावल, शक्कर, गुड, लाल फूल या लाल कुम कुम मिला कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें |*
🌞 *सूर्य भगवान अर्घ्य मंत्र* 🌞
🌷 *1. ॐ मित्राय नमः।*
🌷 *2. ॐ रवये नमः।*
🌷 *3. ॐ सूर्याय नमः।*
🌷 *4. ॐ भानवे नमः।*
🌷 *5. ॐ खगाय नमः।*
🌷 *6. ॐ पूष्णे नमः।*
🌷 *7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।*
🌷 *8. ॐ मरीचये नमः।*
🌷 *9. ॐ आदित्याय नमः।*
🌷 *10. ॐ सवित्रे नमः।*
🌷 *11. ॐ अर्काय नमः।*
🌷 *12. ॐ भास्कराय नमः।*
🌷 *13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय न🚩 ~ सनातन पंचांग ~* 🚩
पंचक
आरंभ: 6 जून 2026, शनिवार — शाम 7:03 बजे
समाप्त: 11 जून 2026, गुरुवार — सुबह 8:16 बजे
प्रकार: शनिवार से शुरू होने के कारण इसे मृत्यु पंचक माना जाता है।
🙏🏻परमा एकादशी — 11 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 11 जून 2026 को रात्रि 12:57 बजे (यानि 10 जून की आधी रात के बाद)
एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026 को रात्रि 10:36 बजे
उदया तिथि के अनुसार व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
.🙏🏻 निर्जला एकादशी
25 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जून शाम 6:12 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून रात 8:09 बजे
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