
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 01 जून 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 – (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – ग्रीष्म ऋतु*
🌤️ *अमांत – 18 गते ज्येष्ठ मास प्रविष्टि*
🌤️ *राष्ट्रीय तिथि – 11 ज्येष्ठ मास*
🌤️ *मास – अधिक ज्येष्ठ*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – प्रतिपदा शाम 04:37 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र – ज्येष्ठा शाम 07:08 तक तत्पश्चात मूल*
🌤️ *योग – सिद्ध सुबह 06:19 तक तत्पश्चात साध्य*
🌤️*राहुकाल – सुबह 07:04 से सुबह 08:48 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 05:17*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:13*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -*
💥*विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *दमा में* 🌷
😫 *आधा ग्राम दालचीनी का चूर्ण शहद या गुड के साथ दिन में १ या २ बार लें | लगातार ३ महीने तक लेने से लाभ होता है |*
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🚩*~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
2⃣ *देवी-देवताओं की ऐसी मूर्ति या चित्र*
*देवी-देवताओं की फटी हुई और पुरानी तस्वीरों या खंडित मूर्तियों से भी आर्थिक हानि होती है। उन्हें किसी नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। इसके अलावा एक ही देवी या देवता की 3-3 मूर्तियां या तस्वीर होने पर वास्तुदोष होता है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *दिमाग कमजोर या पागलपन हो तो* 🌷
😴 *दिमाग कमजोर है अथवा अकेले में मानसिक कल्पनाओ से पागलपन का अंश आ गया है अथवा आलस्य है, चिडचिडा स्वभाव है | ये सब मस्तिष्क.., दिमाग की कमजोरी है, तो ऐसे लोगो को क्या करना चाहिए?*
👌🏻 *पहली ऊँगली अंगूठे के साथ यूँ मिला दें | ३ ऊँगली सीधी और शवासन में सीधा सो जाये | जीभ थोड़ी बाहर रखे तो बड़े-बड़े इंजेक्शन और दिमाग के जानकर.., स्पेशलिस्ट.. उनसे इतना लाभ नही होगा, जितना ये ज्ञान मुद्रा से हो जायेगा |*
😇 *चिड़चिड़ापन कंट्रोल | दिमागी.., थोडा पागलपन की शुरुवात हो तो वो कंट्रोल | आलस्य कंट्रोल.., क्रोध कंट्रोल | सुमिरन शक्ति की कमजोरी कंट्रोल और एकाग्रता बढ़ेगी, चंचलता नियंत्रित हो जायेगी | स्नायु में शक्ति बढ़ेगी | लेकिन इसके साथ ममरी बादाम की औषध खा ले तो आये-हाय! कहना ही क्या |
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
पंचक
आरंभ: 6 जून 2026, शनिवार — शाम 7:03 बजे
समाप्त: 11 जून 2026, गुरुवार — सुबह 8:16 बजे
प्रकार: शनिवार से शुरू होने के कारण इसे मृत्यु पंचक माना जाता है।
🙏🏻परमा एकादशी — 11 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 11 जून 2026 को रात्रि 12:57 बजे (यानि 10 जून की आधी रात के बाद)
एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026 को रात्रि 10:36 बजे
उदया तिथि के अनुसार व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
.🙏🏻 निर्जला एकादशी
25 जून 2026 (गुरुवार)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जून शाम 6:12 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 25 जून रात 8:09 बजे
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