
पौड़ी। जनपद में फिर गुलदार के हमले का समाचार मिला है। दो दिन पहले ही एकेश्वर ब्लाक के ग्राम सभा भरपूर में एक महिला बाल बाल बची है। आज फिर विकासखंड पौड़ी के कमंद गांव में गुलदार ने एक बुजुर्ग को निवाला बना लिया है। जिससे क्षेत्र में दशहत का माहौल है। बुजुर्ग गांव के पास खेत में बकरियों के लिए चारा पत्ती लेने गए थे।
बुजुर्ग जब कई देर तक घर नहीं पहुंचे तो स्वजनों व ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। घटना के एक घंटे बाद शव क्षत विक्षत पाया गया। सूचना के बाद क्षेत्र के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। प्रशासन व वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड पौड़ी के कमंद गांव में 62 वर्षीय मोहन चंद्र मलासी शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे घर से करीब 200 मीटर दूर पास के खेत में बकरियों के लिए चारा पत्ती लेने गए थे। जहां वह पेड़ से चारापत्ती काटकर जमीन पर उतरे तो घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी तब मिली जब बुजुर्ग काफी देर तक घर नहीं लौटे। स्वजन खेत में गए, जहां उनकी दरांती और चप्पल गिरी हुई मिली।ग्रामीण जब पदचिह्न के सहारे आगे बढ़े, तो कुछ दूर जाने पर खून के निशान मिले। जब और आगे बढ़ते गए तो 300 मीटर बुजुर्ग का शव मिला।
वहीं गांव की ग्राम प्रधान थली साधना देवी ने बताया कि गांव में लगातार गुलदार की धमक देखने को मिलती है। वन विभाग को सूचना दी जाती है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जाती है। उन्होंने कहा कि गांव बचाने हैं, तो गुलदारों को मार दो और गुलदार बचाने हैं, तो ग्रामीणों को मार दो। कहा कि हम हर दिन जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं।
कमंद गांव में गुलदार के हमले की घटना पर विधायक पौड़ी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ने बताया कि पौड़ी से कमंद गांव केवल नौ किमी है। लेकिन विधायक घटना के तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि इस विधायक वोट मांगने आयेगा तो बताएंगे उसे।
जानकारी मिली है कि यह वन मंत्री के गृह क्षेत्र में गुलदार के हमले से पांचवीं मौत है, जिससे ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है।

