
पीड़ित परिवार ने लगाई आम लोगों से मदद की अपील
आम लोगों की सुरक्षा पर बड़े सवाल, मुजफ्फरनगर से लेकर रुड़की तक CCTV कैमरे बंद मिले
देहरादून। ढाई महीने पहले हुई शादी के बाद अपने पति के साथ पहली धार्मिक यात्रा पर निकली युवती, केदारनाथ के दर्शन कर वापस गाजियाबाद लौट रही अचानक ट्रेन से लापता हो गई। रात में पति की आंख खुली तो पत्नी सीट पर नहीं थी। उसने पूरी ट्रेन में तलाश की, लेकिन युवती का कहीं पता नहीं चला।
परिवार जब स्टेशन के CCTV कैमरों से सुराग तलाशने पहुंचा तो मुजफ्फरनगर से लेकर रुड़की तक कैमरे बंद मिले। वहीं युवती की आखिरी लोकेशन हरिद्वार के लक्सर के आसपास बताई जा रही है। हैरानी की बात यह भी है कि जिस नंदा देवी एक्सप्रेस में यह घटना हुई, उसी ट्रेन में कुछ दिन पहले हथियारबंद लोगों द्वारा चढ़ने की कोशिश का मामला भी सामने आया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गाजियाबाद पहुंचने से पहले आखिर नवविवाहिता कहां गायब हो गई? क्या यह हादसा है, साजिश है या फिर कुछ और ? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में परिवार और पुलिस जुटी हुई है।
प्रज्ञा के भाई विभूम के मुताबिक, रात करीब 1 बजे उनके जीजा मनीष अग्रहरि ने फोन कर बताया कि प्रज्ञा ट्रेन में कहीं नहीं मिल रही हैं। पहले उन्हें लगा कि शायद वह किसी दूसरी बोगी या वॉशरूम में होंगी, लेकिन काफी देर तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद मनीष ने पूरी ट्रेन में खोजबीन की।
परिवार के मुताबिक, घबराए मनीष मुजफ्फरनगर स्टेशन पर उतरे और रेलवे पुलिस से मदद मांगी। वहां CCTV कैमरों की जांच कराने की कोशिश हुई, लेकिन पुलिस ने बताया कि स्टेशन के कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद परिवार के लोग रुड़की स्टेशन भी पहुंचे, लेकिन वहां भी CCTV बंद मिले। यहीं से परिवार की चिंता और बढ़ गई। एक तरफ नवविवाहिता रहस्यमय तरीके से गायब थी, दूसरी तरफ उन स्टेशनों पर कैमरे बंद थे जहां से कोई सुराग मिल सका।
परिवार के अनुसार, प्रज्ञा के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन लक्सर के आसपास मिली थी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर ट्रेन एक मोड़ के पास धीमी होती है। इसी के बाद परिवार ने हरिद्वार जिले के लक्सर थाने में प्रज्ञा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।भाई विभूम का कहना है कि 6 मई की रात करीब 2 बजे से पूरा परिवार लगातार प्रज्ञा की तलाश में जुटा हुआ है। पुलिस की टीम भी खोजबीन कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। परिवार ने रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर भी तलाश की। कई किलोमीटर तक पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आई। परिवार अब पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस घटना के बाद परिवार ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन में सुरक्षा के बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब घटना हुई तो न तो पर्याप्त सुरक्षा दिखी और न ही ऐसे सिस्टम मिले जिससे तुरंत मदद मिल सके।
परिवार का आरोप है कि अगर स्टेशन के CCTV कैमरे चालू होते तो शायद कोई सुराग मिल सकता था। अब परिवार आम लोगों से भी अपील कर रहा है कि अगर किसी को प्रज्ञा के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत संपर्क करें। परिवार ने सूचना देने वाले को उचित इनाम देने की भी बात कही है।
देहरादून से शुरू हुआ यह सफर अब रहस्य में बदल चुका है। एक तरफ परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि प्रज्ञा सुरक्षित मिल जाएं, दूसरी तरफ हर गुजरते घंटे के साथ चिंता भी बढ़ती जा रही है।

