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चंपावत। नाबालिग गैंगरेप केस में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में मामला सुनियोजित षड़यंत्र निकला। पुलिस ने मुख्य षड़यंत्रकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि बदले की भावना से निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
चंपावत दुष्कर्म प्रकरण में साजिश के संकेत
थाना चम्पावत क्षेत्र में राम सिंह रावत की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उक्त मामले में कमल सिंह रावत, उसकी महिला मित्र और आनन्द सिंह मेहरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। सुनियोजित तरीके से निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 16 और 17 भी बढ़ाई हैं। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कमल सिंह रावत और महिला मित्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वहीं तीसरे आरोपी के खिलाफ पुलिस की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि कानून का दुरुपयोग करने और समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

