
हल्द्वानी। तहसील दिवस में मंगलवार को न तो तहसीलदार पहुंचे और न ही एसडीएम। घंटों इंतजार के बाद भी जब फरियादियों को वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिले तो पार्षद मनोज जोशी की नायब तहसीलदार बीएस मटियानी के साथ तीखी नोकझोंक हो गई और वह धरने पर बैठ गए।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्र के लोग तहसील दिवस में पहुंचे। तब तहसील दिवस में चार पांच विभागों के अधिकारी तो मौजूद थे लेकिन वहां समस्याएं सुनने के लिए एक भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी नहीं था। पूछताछ करने पर पता चला कि तहसीलदार वीआईपी ड्यूटी पर गए हैं जबकि एसडीएम किसी बैठक में है। घंटेभर बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो पार्षद मनोज जोशी तहसीलदार के कक्ष के बाहर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
इस दौरान वहां पहुंचे नायब तहसीलदार बीएस मटियानी और मनोज जोशी के बीच करीब आधे घंटे नोकझोंक हो गई। बाद में पार्षद जोशी ने तहसील प्रशासन और नायब तहसीलदार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लग गए।
हंगामे के खबर मिलने पर दोपहर करीब दो बजे एसडीएम प्रमोद कुमार और तहसीलदार कुलदीप पांडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह मामला शांत कराया। नायब तहसीलदार मटियानी ने पार्षद जोशी की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि तहसील दिवस में समस्याएं सुनने के लिए नायब तहसीलदार बीएस मटियानी को अधिकृत किया गया था। उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए आवेदन संबंधित विभागों को भेजे। तहसील दिवस में विद्युत, जल संस्थान, जल निगम, यूयूएसडीए विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इन विभागों का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

