
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की करीबी लक्ष्मी राणा व प्रीतम सिंह समर्थक मीना शर्मा भाजपा में शामिल

पहाड़ का सच देहरादून। नए साल में शुरू हुई दलबदल की राजनीति भाजपा के बाद अब कांग्रेस में भी शुरू हो गई है। ये अलग बात है कि भाजपा के दो पूर्व विधायकों के साथ कई बड़े नेता कांग्रेस में शामिल हुए जबकि इसके जवाब में भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शनिवार को कांग्रेस की दो महिला नेत्रियों के साथ आए कुछ लोगों से अपना खाता खोला है। हालांकि उनका दावा है कि कांग्रेस के बड़े नेता उनके संपर्क में हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि महिला आरक्षण की विपक्षी बाधा और प्रदेश कांग्रेस के अन्याय के खिलाफ कांग्रेस समेत विभिन्न दलों की मातृ शक्ति आज भाजपा में शामिल हुई है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, अब समय आ गया है, जब देश की आधी आबादी अपने अधिकारों का हनन करने वाले राजनीतिक दलों को सबक सिखाएगी।
पार्टी मुख्यालय में ज्वाइनिंग कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी नए सदस्यों का स्वागत किया गया। इस दौरान उनका पार्टी का पटका और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। प्रदेश नेतृत्व ने सभी लोगों को पार्टी की रीति नीति और वैचारिक अधिष्ठान की विस्तृत जानकारी दी गई। पार्टी में विश्वास जताने वाले सभी लोगों ने एकस्वर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाली पार्टियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश जताया।
पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामो में रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा, महिला कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष और रुद्रपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन मीना शर्मा और घनसाली के पूर्व विधायक प्रत्याशी दर्शन लाल आर्य रहे।
इस मौके पर महेंद्र भट्ट ने नवागंतुकों को संबोधित करते हुए कहा, आप सभी लोगों की तरह भाजपा परिवार और समस्त प्रदेशवासियों को भी महिला अधिकारों पर संसद में विपक्षी रुख से बहुत क्षोभ है। आप सभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और महिला विरोधी विपक्ष के विरोध में साथ आए हैं। जनता के सहयोग से हम महिला अधिकारों के अपराधियों को लोकतांत्रिक तरीकों से सबक सिखाएंगे।
उन्होंने कहा, पीएम मोदी और सीएम धामी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश और देश का चौमुखी विकास कर रही है। युवाओं, महिलाओं, गरीब और किसानों के कल्याण को समर्पित हमारी सरकार विकसित उत्तराखंड के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। चाहे सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करना हो, लखपति दीदी बनाया जाना हो, जमीनों और आवासीय मालिकाना अधिकार देना हो, चाहे जनकल्याण की योजनाएं हों।
वहीं पार्टी की सदस्यता लेने वाले सभी लोगों के सम्मान का ख्याल रखने का विश्वास दिलाया। साथ ही आह्वाहन किया कि जनसहयोग से हम सभी लोगों को 2027 विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगानी है। क्योंकि महिला अधिकार हनन समेत किसी भी प्रकार के अन्याय का जवाब देने का सबसे बेहतर लोकतांत्रिक तरीका चुनाव परिणाम होता है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव महिलाओं के उत्थान, सम्मान और आत्मनिर्भरता को अपनी प्राथमिकता में रखा है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन लाया है, जिससे उनका विश्वास भाजपा के प्रति और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
पार्टी में होने वाली श्रीमती मीना शर्मा ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने संसद के अंदर महिला शक्ति के साथ जो अन्याय किया वही प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने हमारे साथ किया है। जब मैने अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई तो पार्टी के नेताओं ने मुझे अपमानित किया। महिला सशक्तिकरण की आवाज बुलंद करने और सरकार के विकास कार्यों के समर्थन के लिए हम सब भाजपा में शामिल हुए हैं।
इसके साथ ही भाजपा परिवार में कांग्रेस के अनिल शर्मा, संजीव रस्तोगी, सुमित राय, पूनम गुप्ता, मंजू, श्वेता शर्मा सहित कई अन्य राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर प्रदेश महामंत्री कुन्दन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत, विधायक शिव अरोड़ा सहित पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
खास बात: भाजपा में शामिल हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने साल 2024 में उस समय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था जब देहरादून के सहसपुर ब्लॉक में शंकरपुर में जमीन के मामले में उनके आवास पर ईडी ने छापे मारे थे। उसी मामले में कांग्रेस नेता डॉक्टर हरक सिंह रावत से भी ईडी ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि शंकरपुर की जमीन जिस पर पूर्व मंत्री का मेडिकल कॉलेज बना है वह जमीन श्रीमती दीप्ति रावत, लक्ष्मी राणा व वीरेंद्र कंडारी के नाम है जो सचिवालय कर्मचारी संघ का पदाधिकारी भी रह चुका है।
देखें लक्ष्मी राणा का त्यागपत्र

श्रीमती मीना शर्मा: रुद्रपुर से कांग्रेस नेत्री मीना शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2022 में कांग्रेस से टिकट से रुद्रपुर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था और हार गई थी। मीना शर्मा की गिनती पीसीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह के करीबियों में की जाती है। हाल ही में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मीना शर्मा खासी नाराज बताई जा रही थी। उनकी नाराजगी मीडिया में भी सार्वजनिक हुई । मीना शर्मा अगले विधानसभा चुनाव में भी टिकट की दावेदारी कर रही थी। हालांकि कांग्रेस ये दावा करती रही कि नए लोगों के पार्टी में शामिल होने के कहीं किसी किस्म की नाराजी नहीं है।

