
– गाजियाबाद से आए पर्यटक जोड़े ने डेस्टिनेशन वेडिंग के तहत स्थानीय श्मशान घाट पर जयमाला और अन्य रस्में निभाईं, जहां स्थानीय लोग अंतिम संस्कार करते हैं।

अल्मोड़ा। जनपद नैनीताल के अंतर्गत मार्चुला में श्मशानघाट पर जयमाला के कार्यक्रम करवाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के विरोध और वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला आस्था बनाम पर्यटन के टकराव का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है।
मार्चुला के रिवर क्रीक रिसॉर्ट से जुड़े इस मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने श्मशानघाट पर शादी जैसे आयोजन को धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया, जिसके बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम स्तर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्षों से अंतिम संस्कार होते आ रहे हैं, वहां जयमाला और फोटोशूट करना आस्था का अपमान है। लोगों ने इसे संस्कृति के साथ खिलवाड़ बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि निजी फायदे के लिए संस्कृति को नजरअंदाज करना गलत है। उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न करे।
इस मामले में रिवर क्रीक रिसॉर्ट के मैनेजर राकेश शर्मा ने कहा कि कपल को पहले ही बता दिया गया था कि यह अंत्येष्टि स्थल है। उनके मुताबिक शादी के सभी कार्यक्रम रिसॉर्ट परिसर के अंदर हुए थे और बाहर केवल सीमित फोटोशूट व जयमाला का छोटा सेटअप लगाया गया था।
गौरतलब है कि राज्य सरकार उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेडिंग डेस्टिनेशन हब बनाने की दिशा में काम कर रही है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उस प्रयास पर सवाल खड़े कर रही हैं।

