
देहरादून। सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कमर कस ली है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए परिवहन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच पहाड़ी मार्गों पर यात्री वाहनों के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

यह निर्णय पहाड़ों पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है। परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि यात्रा मार्गों पर निगरानी के लिए छह विशेष चेक पोस्ट बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, नौ सचल दस्ते रूटों पर नियमित गश्त करेंगे ताकि यातायात नियमों का उल्लंघन न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग, मोड़ पर ओवरटेक और ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार श्रद्धालुओं को एक विशेष ‘ट्रैवल किट’ भी प्रदान की जा रही है। इस किट में डस्टबिन बैग, सैनिटाइजर, वोमेटिंग बैग और वेट वाइप्स जैसी जरूरी चीजें शामिल होंगी। सरकार का लक्ष्य यात्रा मार्ग को साफ-सुथरा रखना और यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्याओं से राहत दिलाना है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे कूड़ा कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें।
पहाड़ी मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए यात्रियों को गर्म कपड़े, बरसाती और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। किसी भी चिकित्सीय आपात स्थिति में यात्री टोल-फ्री नंबर 108 और पुलिस सहायता के लिए 112 पर कॉल कर सकते हैं। सरकार की इन तैयारियों से उम्मीद है कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए सुखद और सुरक्षित सिद्ध होगी। यात्री अपनी बुकिंग से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें।
