
मोदी की दून यात्रा पर त्वरित टिप्पणी

हरीश जोशी/पहाड़ का सच
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही इसे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा का अनौपचारिक शंखनाद भी माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार को उत्तराखंड यात्रा राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास, धार्मिक पर्यटन, और महिला-सैनिक मतदाताओं को साधने के साथ-साथ डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने की भरसक कोशिश के रूप में मानी जा रही है। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के चुनाव अभियान की शुरुआत मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य पार्टी के जनाधार को मजबूत करना है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन (समय 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे) भाजपा के विकास के केंद्रित एजेंडे को बढ़ावा देता है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान उत्तराखंड के सैन्य बहुल क्षेत्रों और महिला मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रधानमंत्री ने पूर्व सैनिकों के लिए कल्याणकारी कदमों और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 तक लागू करने पर जोर देकर भविष्य के एक और सुखद वादे से लोगों को जोड़ने की कोशिश की है।
देहरादून के प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा और रोड शो के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक कार्ड खेलते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन कर केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार की एकता को उजागर करते हुए मोदी ने उत्तराखंड को विकसित भारत की ओर ले जाने का संकल्प दोहराया।
