
कहा, मेरा पहला और अंतिम पड़ाव कांग्रेस

प्रभारी ने बड़बोले नेताओं को दी नहीहत, संयम में रहें
पार्टी के हर कार्यक्रम में शामिल होंगे हरीश रावत, इस महीने के अंत में गढ़वाल व कुमाऊं के दौरे होंगे
पहाड़ का सच देहरादून। दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल होने की प्रक्रिया के दौरान उपजे तथाकथित असंतोष के बाद खुद को पार्टी कार्यक्रमों से अलग करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को पार्टी प्रभारी सैलजा कुमारी से भेंट की और अपनी नाराजगी भी जाहिर की। बताया जाता है कि उनकी सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि उन्हीं की पार्टी के कुछ नेता उनके बारे में अनर्गल बयानबाजी करते हैं। बताया जाता है कि उनका इशारा डॉ हरक सिंह रावत की तरफ था।
उत्तराखंड कांग्रेस में मची हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के आवास पर मुक्त मुलाकात की और अपनी नाराजगी भी जाहिर की। सूत्रों का कहना है कि पूर्व सीएम इस बात को लेकर आहट हैं कि उनके बारे में पार्टी के ही कुछ लोग मीडिया में प्रतिकूल टिप्पणी कर रहे हैं।

बताया जाता है कि प्रभारी ने उन नेताओं को सख्त हिदायत दी है जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व पार्टी की अंदरूनी बातों को बाहर ले जा रहे हैं। प्रभारी ने हरीश रावत को आश्वस्त किया है। पार्टी ने इस महीने के अंत में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के दौरे का कार्यक्रम भी तय किया है जिसमें अन्य सभी नेताओं के साथ हरीश रावत भी शामिल होंगे। प्रभारी भी अधिकांश कार्यक्रमों में शामिल रहेंगी।
क्या थी नाराजगी और अवकाश का कारण : हरीश रावत
अपने करीबी नेता संजय नेगी को पार्टी में शामिल न किए जाने और संगठन में अनदेखी से नाराज थे, जिसके बाद वे 15 दिन के ‘राजनीतिक अवकाश’ पर चले गए थे। सुलह की कोशिशें: हरक सिंह रावत (अध्यक्ष, चुनाव प्रबंधन समिति) ने हरीश रावत को मनाने की जिम्मेदारी ली थी और देहरादून में उनसे मुलाकात कर सुलह की कोशिश की थी। .हरीश रावत का रुख: हरीश रावत ने स्पष्ट किया था कि वह पार्टी से अलग नहीं हो रहे हैं, लेकिन पार्टी की नीतियों के खिलाफ जो हो रहा है उस बारे ने अपनी बात रख रहे हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अंदरूनी कलह तेज है, और हरीश रावत की यह नाराजगी पार्टी आलाकमान के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। कांग्रेस जानती है कि उत्तराखंड में हरीश रावत की नाराजगी पार्टी की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
बैठक में आर्य के अलावा पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत आदि मौजूद थे।
निकट भविष्य में इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की प्रबल संभावना: रामनगर से संजय नेगी (हरीश रावत समर्थक), रुड़की से यशपाल राणा( प्रीतम समर्थक), टिहरी से पूर्व मंत्री दिनेश धनै ( हरीश रावत/प्रीतम समर्थक)
