
कांग्रेस को गिरेबान में झांकने की जरूरत, अपने मामले में साधती रही है चुप्पी
पहाड़ का सच देहरादून। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट और जानलेवा हमले के आरोपी भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ के बचाव में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट खुलकर आ गए हैं। उनका कहना है कि जब विधायक काऊ ने घटना पर माफी मांग ली है तो मामले को तूल देना उचित नहीं है। भट्ट ने कांग्रेस पर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने मामलों पर चुप्पी साधे हुए है।
भट्ट ने अपने एक वीडियो बयान में निदेशक के साथ हुए विवाद में रायपुर विधायक से ज़बाब तलब और उनके द्वारा घटना के लिए माफी मांगे जाने के बाद, सभी से इस प्रकरण को अनावश्यक तूल नहीं देने का आग्रह किया है। भट्ट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संयम रखने की जरूरत है। फिलहाल मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई को समय दिए जाने की आवश्यकता है।
विपक्ष के आरोपों पर भट्ट ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने ऑफिस में मारपीट के साथ घर में पत्थरबाजी की गई, लेकिन आज तक माफी नहीं मांगी। हम तो स्पष्टतः ऐसी घटनाओं की भर्त्सना करते हैं।
मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को पार्टी ने पूरी गंभीरता से लिया है, जिसके बाद देर रात विधायक उमेश काऊ ने उनके सामने अपना पक्ष रखा है। जिसमें उनके द्वारा घटना को लेकर खेद भी जताया गया। फिलहाल विधायक द्वारा समर्थकों के साथ शिक्षा अधिकारी की घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली गई है।
भट्ट का कहना है कि अब इस मुद्दे पर अनावश्यक चर्चा या तूल देने से सभी को बचना चाहिए। वहीं स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी तरह के उपद्रव, अराजकता या अशोभनायीय व्यवहार के पक्ष में नहीं है, चाहे वह जनप्रतिनिधि हो, पार्टी पदाधिकारी हो, कार्यकर्ता हो अथवा अन्य कोई व्यक्ति। वहीं अधिकारी कर्मचारियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि वे जनप्रतिनिधियों से किस तरह का व्यवहार करें। यह हमारी देवभूमि है और इस तरह का कोई भी व्यवहार न राजनैतिक दलों को स्वीकार है और न ही समाज इसे स्वीकार करता है। लिहाजा सभी को संयम रखना चाहिए। अब चूंकि पूरे मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज हो गई है, लिहाजा कानूनी प्रक्रिया को समय दिए जाने की जरूरत है।
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है। प्रदेश ने देखा है किस तरह उनके विधायकों द्वारा आईएएस अधिकारियों के साथ मारपीट की गई और कैसे उनके एक विधायक ने तो अधिकारी के घर जाकर पत्थरबाजी की। सत्यता यह है कि हम आज भी ऐसी घटनाओं की कड़ी भर्त्सना करते हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी के किसी भी प्रदेश अध्यक्ष, नेता या विधायक ने अपनी पार्टी विधायकों द्वारा की गई ऐसी घटनाओं के लिए आज तक माफी नहीं मांगी।

