
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 16 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌥️ *अमांत – 4 गते फाल्गुन मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 26 माघ मास*
🌤️ *मास – फाल्गुन ( गुजरात- महाराष्ट्र – माघ )*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – चतुर्दशी शाम 05:34 तक तत्पश्चात अमावस्या*
🌤️ *नक्षत्र – श्रवण रात्रि 08:47 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
🌤️ *योग – वरीयान 17 फरवरी रात्रि 01:50 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️*राहुकाल – सुबह 08:23 से सुबह 09:49 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:56*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:06*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – सोमवती अमावस्या (शाम 05:34 से 17 फरवरी सूर्योदय तक)*
💥 *विशेष – चतुर्दशी व अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री- सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *द्वापर युगादि* 🌷
➡️ *17 फरवरी 2026 मंगलवार को द्वापर युगादि है।*
*द्वापर युगादि तिथियों में स्नान, दान-पुण्य, जप, हवन से अनंत फल की प्राप्ति होती है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *सोमवती अमावस्याः दरिद्रता निवारण* 🌷
➡️ *16 फरवरी 2026 सोमवार को शाम 05:34 से 17 फरवरी सूर्योदय तक सोमवती अमावस्या है।*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है।*
😌 *इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।*
🌳 *इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है।*
🌿 *इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अमावस्या* 🌷
➡️ *17 फरवरी 2026 मंगलवार को दर्श-फाल्गुन अमावस्या है।*
🙏🏻 *अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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