
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 13 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌥️ *अमांत – 1 फाल्गुन मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 23 माघ मास*
🌤️ *मास – फाल्गुन ( गुजरात-महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – एकादशी दोपहर 02:25 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र – मूल शाम 04:12 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग – वज्र 14 फरवरी रात्रि 03:23 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️*राहुकाल – सुबह 11:09 से दोपहर 12:31 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:01*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:03*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विजया एकादशी,विष्णुपदी कुंभ -संक्रांति (पुण्यकाल: सूर्योदय से दोपहर 12:41 तक)*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *विजया एकादशी* 🌷
➡️ *13 फरवरी 2026 शुक्रवार को विजया एकादशी है।*
👉🏻 *विजया एकादशी का व्रत करनेवाले को इस लोक में विजयप्राप्ति होती है और परलोक भी अक्षय बना रहता है।*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🌷 *शनिप्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 14 फरवरी, शनिवार को शनिप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🚩~*सनातन पंचांग*~🚩
🙏🏻 *14 फरवरी के दिन अधिकांशतः सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें है । बिलकुल कोई पंडित इसको नकार नहीं सकता, लगभग अधिकांश 14 फरवरी को सूर्य भगवान कुम्भ राशि पे होतें हैं और कुम्भ राशि के स्वामी कौन हैं ? शनि देव । कुम्भ राशि के स्वामी शनि, शनि देव सूर्य भगवान के बेटे हैं । तो वो अपने पिता का खूब आदर करते और पिता की परिक्रमा करते हैं । तो जो 14 फरवरी के दिन वेलेंटाईन डे मनाते हैं न उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों नाराज़ होतें है भयंकर और 14 फरवरी के दिन जो माता पिता का पूजन करते हैं उनपे सूर्य भगवान और शनि देव दोनों खुश होते हैं …. क्यो कि उस दिन शनि देवता भी सूर्य भगवान की पूजा करते हैं और सूर्य भगवान की परिक्रमा करते हैं ।*
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