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पहाड़ का सच/एजेंसी।
मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी शामिल हुए। कार्यक्रम में रणबीर कपूर, सुभाष घई, प्रसून जोशी सहित 900 से अधिक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, और संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण सुना।

इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है।उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा,
बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं।
भागवत ने कहा- भारत का बंटवारा धर्म की वजह से हुआ। हमने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, क्योंकि हम हिंदू हैं। इस्लाम, ईसाई धर्म अभी भी भारत में मौजूद हैं। झड़पें होती हैं, लेकिन देश एकजुट रहा है। हिंदू भाव को भुला देना भी बंटवारे का कारण बना। संघ प्रमुख ने आजादी के समय बनी अलग-अलग विचारधाराओं का जिक्र करते हुए राजा राम मोहन रॉय, स्वामी विवेकानंद और दयानंद सरस्वती जैसे समाज सुधारकों को याद किया।
उन्होंने कहा कि इन लोगों की सोच ने देश के समाज को जागरूक बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। समाज को दिशा देने और जरूरी माहौल बनाने का काम बड़े स्तर पर नहीं हो पा रहा है। इसी कमी को भरने के लिए संघ लगातार काम करता है। उन्होंने कहा कि RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 13 साल की उम्र में माता-पिता को खो दिया था। इसके बावजूद हेडगेवार ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान वे क्रांतिकारी लोगों के संपर्क में आए और ‘कोकेन’ कोड नाम से गुप्त रूप से काम किया। इस किस्से का जिक्र रास बिहारी बोस की किताब में भी मिलता है।

