
धनंजय गिरी प्रकरण में विवेचक एसआई निलंबित, पीड़ितों को धन वापसी के लिए आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल के निर्देश पर एसआईटी गठित
जनपदीय एसआईटी भंग करने के जिला पुलिस प्रमुखों को आईजी हेडक्वार्टर से दी गई है सूचना
पहाड़ का सच नैनीताल। लैंड फ्रॉड जैसे गंभीर मामलों में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने जिलों में गठित सभी एसआईटी भंग करने के आदेश दे दिए हैं। आईजी हेडक्वार्टर की ओर से जिला पुलिस प्रमुखों को इसकी सूचना दी गई है। अब आईजी के निर्देश पर नई एसआईटी गठित की गई है। कुमाऊं में लैंड फ्रॉड के सरगना धनंजय गिरी को मदद वाले भोटिया पड़ाव के एसआई अनिल कुमार को निलंबित किया गया है।
भूमि से संबंधित समस्त प्रकरणों की प्रभावी एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर लैंड फ्रॉड समिति का गठन किया गया है, जो गढ़वाल एवं कुमाऊ मंडल के आयुक्तों के अधीन कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त कुमाऊं परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊ परिक्षेत्र के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। पुलिस प्रवक्ता के हवाले से बताया गया है कि पूर्व में कुछ जनपदों द्वारा अपने स्तर पर एसआईटी का गठन किया गया था, जो कि अनुचित पाया गया।
इन जिला स्तरीय एसआईटी में कतिपय पुलिस कर्मियों की संलिप्तता संबंधी शिकायतें समय-समय पर प्राप्त होने के बाद पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं द्वारा परिक्षेत्र के सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को जिला स्तर पर गठित समस्त SIT को तत्काल प्रभाव से भंग करने के आदेश जारी किए गए हैं।
अब इस प्रकार का कोई भी मामला प्रकाश में आने पर उसकी प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी तत्पश्चात अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
धनंजय गिरी प्रकरण
पिछले दो माह के दौरान अभियुक्त धनंजय गिरी से संबंधित कई पीड़ितों द्वारा पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊ परिक्षेत्र कार्यालय में लिखित शिकायतें प्रेषित की गईं तथा स्वयं उपस्थित होकर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज कार्यालय द्वारा अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध प्राप्त समस्त शिकायतों, पंजीकृत एफआईआर एवं शिकायतकर्ताओं की विस्तृत सूची तैयार की गई।
अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों का पूर्ण विवरण संकलित किया गया।विवेचक को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रकरण में शीघ्र एवं प्रभावी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को उनका धन एवं न्याय दिलाया जा सके।
लेकिन विवेचक की मिलीभगत एवं कर्तव्य में लापरवाही के फलस्वरूप अभियुक्त को बचने का अवसर दिए जाने के कारण उनि अनिल कुमार, चौकी भोटिया पड़ाव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ितों को धन वापसी, SIT का प्रमुख उद्देश्य
इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊ द्वारा पूर्व में गठित परिक्षेत्रीय SIT को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। SIT का मुख्य उद्देश्य यह है कि अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को नए कानून BNSS की धारा 107 के अंतर्गत, न्यायालय के माध्यम से पीड़ितों को उनके निर्धारित प्रतिशत के अनुसार वापस दिलाया जा सके।
पीड़ितों से अपील
कुमाऊँ पुलिस अपील करती है कि जिन पीड़ितों के प्रार्थना पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हो पाए हैं, अथवा जिनके साथ अभियुक्त धनंजय गिरी या उसके सहयोगियों द्वारा धोखाधड़ी की गई है, वे अपनी शिकायत परिक्षेत्रीय मोबाइल नंबर: 9411110057
SIT प्रभारी
मनोज कत्याल, पुलिस अधीक्षक (नगर), हल्द्वानी को उपलब्ध कराएं, जिससे पीड़ितों को उनका धन वापस दिलाने की कार्यवाही की जा सके।
जनहित में पुलिस की अपील
पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ की ओर से आमजन से अपील की जाती है कि किसी भी व्यक्ति, व्यक्तिगत फंड या योजना में धन निवेश करने से पूर्व यह अनिवार्य रूप से जांच कर लें कि वह सरकार द्वारा अधिकृत है अथवा नहीं। साथ ही, समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने जनपदों में इस प्रकार की घटनाओं अथवा संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार कर परिक्षेत्रीय SIT को तत्काल उपलब्ध कराएं।
अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध SIT द्वारा सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। पूर्व में विवेचकों द्वारा केवल धारा 41(क) का नोटिस तामील कर औपचारिकता पूर्ण की गई थी, जिससे किसी भी पीड़ित को धन वापसी नहीं हो सकी। इस संबंध में जनपद नैनीताल के SIT प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अभियुक्त के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

