
हिंडोलाखाल ब्लॉक में बेसिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए उप शिक्षा अधिकारी डा0 भास्कर चंद्र बेबनी द्वारा अभिनव शिक्षण विधियों, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से शिक्षा की अलख जगाई जा रही है।
30 जनवरी को सहायक शिक्षकों को जोइनिंग पत्र सौंपते हुए उन्होंने नए शिक्षकों से कहा कि शिक्षकों का उद्देश्य न केवल साक्षरता, बल्कि कौशल विकास और जागरूक पीढ़ी तैयार करना है। प्राथमिक विद्यालयों में रटने के बजाय समझने और मानसिक-शारीरिक विकास पर केंद्रित शिक्षा पर जोर दिया जाना चाहिए. बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता और पौष्टिक आहार जैसे जीवन कौशल को शिक्षा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके. शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर सामुदायिक सहयोग लिया जाय, जिससे शिक्षा में सामाजिक सम्मान बढ़े।
सौम्यता के साथ सहनशील और सहज व्यवहार वाले डा0 भास्कर चंद्र बेबनी, के साथ पहाड़ का सच, न्यूज़ पोर्टल के संपादक हरीश जोशी और सहयोगी अशोक डंडरियाल से एक मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों मैं बच्चों की घटती संख्या पर वे बहुत चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि नए शिक्षकों मैं कुछ नया करने की लगन तो है, पर क्या करें.

