
देहरादून। निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का नैनीताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। “देवभूमि बहुदेशीय स्वायत्त सहकारिता” नामक संस्था बनाकर भोले-भाले लोगों को अधिक ब्याज का लालच देने वाले दो मुख्य अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने आज इस बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने हल्द्वानी और रामनगर में अपने कार्यालय खोले थे। इन्होंने खुद को उत्तराखंड सरकार से पंजीकृत बताकर पूरे कुमाऊं मंडल के हजारों लोगों से करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये निवेश कराए। जब निवेश की अवधि पूरी हुई, तो आरोपी दफ्तर बंद कर फरार हो गए। जांच में पता चला है कि इन अभियुक्तों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान हेमचंद पंत (अध्यक्ष) और विकास दुर्गापाल (सचिव) के रूप में हुई। एसएसपी ने बताया कि इन दोनों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर जैसे जनपदों के नागरिकों को ठगा है। पुलिस टीम ने कोर्ट से वारंट और कुर्की आदेश प्राप्त करने के बाद दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ में दबिश दी, जिसके बाद इन्हें लालकुआं क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों के विरुद्ध अन्य थानों में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम ने इनके खातों से क्रमशः 2.26 करोड़ और 4.58 करोड़ रुपये का डेटा प्राप्त किया है। इस बड़ी सफलता पर पुलिस कप्तान ने गिरफ्तार करने वाली टीम को 2500 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी गैर-पंजीकृत संस्था में निवेश करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
