
– देश और राज्यों के विकास को मिलेगी नई दिशा:सीएम धामी

– सीएम ने पीएम मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार बजट के लिए बधाई दी
– कांग्रेस ने बेरोजगारी व महंगाई बढ़ाने सहित आम जनता के लिए अहितकारी बताया
पहाड़ का सच देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।
बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा।
धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा।

कांग्रेस: महंगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला बजट: गोदियाल .उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केन्द्र की मोदी सरकार के आम बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी, अपने उद्योगपति मित्रों का पोषक तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला बजट बताया है।
गोदियाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने एकबार फिर से दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला तथा देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला बजट है। केन्द्रीय बजट में उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों और आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में एकबार फिर से आंकडों की बाजीगरी ही दिखाई है।
वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा आम बजट में तीन कर्तव्यों आर्थिक वृद्धि में तेजी, जन आकांक्षाओं को पूरा करना तथा सबका साथ सबका विकास जैसी कोरी बातें ही की गई हैं। केन्द्रीय बजट में सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की बात 100 स्मार्ट सिटी विकसित किये जाने जैसे जुमले छोडे गये हैं। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रदूषण, स्वास्थ्य और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पूर्व के बजट की भांति किसानों और आम आदमी की आय में वृद्धि जैसी कोरी घोषणायें कर उन्हें बरगलाने की कोशिश की गई है।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि इस बार मोदी सरकार ने ‘‘तीन कर्तव्य’’ के रूप में नया जुमला छोड़ा गया है। केन्द्रीय बजट न तो नई दिशा दिखाता है और न ही किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है। बजट में प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। केवल मोदी सरकार ने वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश मात्र की है। कुल मिलाकर केन्द्रीय बजट से आम जनता को निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय बजट में महंगाई कम करने की कहीं बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से केन्द्रीय आम बजट में लगातार की जा रही कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी तथा अपने चहेते उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने वाले बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है। जहां एक ओर महंगाई से जनता के सिर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है वहीं देश का आम आमी विदेशी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में योजनाओं और कार्यक्रमों के बजटीय आवंटन में पारदर्शिता का नितांत अभाव है।
बजट के प्रावधानों से देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था में विकास दर दहाई का आंकडा भी नहीं छू पायेगी और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की घोषणा की गई है परन्तु जो हवाई अड्डे वर्तमान में स्थापित हैं उनकी हालत खस्ता हो चली है उसके लिए बजट मे कोई प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषकों की आय बढ़ाने तथा आम आदमी बढ़ाने की बात बार-बार की जाती है परन्तु इन वर्गों की आय में वृद्धि करने का कोई प्रावधान बजट में नहीं किया गया है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट में तीन कर्तव्य नाम से नया जुमला छोड़ते हुए कोरी घोषणाओं का अंबार लगाया गया है परन्तु उन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा इसका कोई उल्लेख नहीं है। बजट में गरीब, किसान तथा युवा वर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई आम जनता को मंहगाई से निजात दिलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आम बजट में नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है इस बजट से देश में रोजगार के अवसर घटेंगे, किसान, गरीब व आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है तथा केन्द्रीय बजट मात्र कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है। मध्यम वर्ग के हितों पर बजट में सबसे अधिक चोट की गई है। नौकरी पेशा व्यक्ति को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, 4 से 8 लाख में 5 प्रतिशत टैक्स लगाकर मध्यम वर्ग के नौकरी पेशा वर्ग के गाल पर टैक्स का तमाचा मारा गया है।
इनकम टैक्स छूट के स्लैबों मे की गई बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। महिला सुरक्षा, किसानों, बेरोजगार नौजवानों के लिए इस बजट में कोई विषेष प्रावधान नजर नही आता है। रोजगार के सृजन तथा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सम्मान की बात केवल मोदी सरकार की लच्छेदार भाषणों का हिस्सा मात्र रही है बजट मे उसके लिए कोई प्रावधान नहीं है।
गोदियाल ने कहा कि केन्द्रीय आम बजट में उत्तराखंड को एक बार फिर से निराशा हाथ आई है। आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड राज्य के दैवीय आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बजट में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार ने अपने बजट में उत्तराखण्ड जैसे आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य को रेल कनेक्टिविटी और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं दिया है। कुल मिलाकर आम बजट में अपने उद्योगपति मित्रों के हित साधन कर देश के आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है।

भाजपा: जनकल्याणकारी बजट के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला का आभार: भट्ट
भाजपा ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत निर्माण में युवा शक्ति की बड़ी भूमिका निर्धारित करने वाला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने जनकल्याणकारी बजट प्रस्तुत करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का प्रदेशवासियों की तरफ से आभार व्यक्त किया है। वहीं इस बजट को उन्होंने उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, बागवानी और सेमी कंडक्टर इकाइयों समेत कई क्षेत्रों में मजबूत करने वाला बताया।
उन्होंने रविवार को प्रस्तुत केंद्रीय आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विकसित भारत निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया। पीएम मोदी के निर्देशानुसार युवा भारत के युवाओं को अधिक सशक्त करने के उपाय, बजट में रेखांकित किए गए हैं। युवा शक्ति पर फोकस ये बजट देश के विकास, रोजगार सृजन और नवाचार तकनीक आधारित उद्योगों की मजबूत करने वाला है। केंद्र सरकार ने पुनः स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी हम सबका साथ सबका विकास के संकल्प पर काम करने का होगा। साथ ही आर्थिक तरक्की, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए उनकी क्षमता वृद्धि करना और प्रत्येक परिवार, समाज, क्षेत्र की भागेदारी विकास में सुनिश्चित करने के कर्तव्यों पर आधारित होगा।
महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा, AI की नवीन तकनीक के युवा एक्सपर्ट देश के 15 हजार स्कूलों और 500 कालेजों में लैब स्थापित कर तैयार करना, 500 अमृत सरोवर निर्माण जैसी नवीन योजनाओं के साथ किसान, मातृ शक्ति, व्यवसाई, उद्योग, पर्यटन और रोजगार सृजन को लेकर विस्तृत रूपरेखा बजट में प्रस्तुत की गई है।
उन्होंने कहा, उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में ये बजट प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से विकास के नए सोपानों को पार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। पर्यटन की प्रदेश में आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है ऐसे में इको टूरिज्म के तहत पर्वतीय ट्रेल की घोषणा गेम चेंजर साबित हो सकती है। इसी तरह क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाने के लिए 120 नए गंतव्यों को जोड़ने की घोषणा हुईं है, निश्चित तौर पर प्रदेश को उसका लाभ मिलेगा। ज्ञान, तकनीक और नवाचार के जरिए बजट में हेल्थकेयर डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने का एलान हुआ है जो निसंदेह हमारे लिए बहुत लाभकारी होगा। सेमी कंडक्टर 2.0 लॉन्च होने से राज्य की इस क्षेत्र में संभावनाएं पहले से अधिक बढ़ने वाली हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान की योजनाओं का लाभ भी उत्तराखण्ड के शहरों को मिले। बड़ी संख्या में राज्य के युवा होटल और कैटरिंग व्यवसाय को अपना पेशा बनाते हैं ऐसे में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हॉस्पिटैलिटी का अस्तित्व में आना उनकी बहुत लाभ देने वाला है।
वहीं जिस लखपति दीदी प्रोग्राम में हमारा राज्य पहले ही लीडर की भूमिका में है, उसके आगे भी जारी रखना प्रदेश की मातृशक्ति सशक्तिकरण में निर्णायक होगा। उसमें भी अब सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर यानी SHE मार्ट्स बनाने की घोषणा, महिलाओं की उड़ान को और अधिक ऊंचाईयों पर ले जाएगा। इसी तरह पर्वतीय क्षेत्रों के अखरोट, बादाम, चिलगॉजे जैसे बागवानी उत्पादों पर विशेष प्रमोशन की योजनाओं का लाभ उठाने का प्रयास उत्तराखंड अवश्य करेगा।
इसी तरह 10 हजार करोड रुपये का SME ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा हुई है, इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन करने में राज्य के लिए लाभकारी होगा। वहीं एनआरएलएम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पीएम श्री, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, एन.एच.एम, स्वच्छ भारत मिशन अर्बन जैसी अनेकों योजनाओं में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। उसका लाभ भी उत्तराखण्ड को मिलना निश्चित है।

भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार, दमदार, आम आदमी की सोच वाला तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। यह वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट रहा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के कार्यकाल में निरंतर आर्थिक विकास और नियंत्रित महंगाई देखने को मिली है।
डॉ. बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था। .वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (BE) के अनुरूप है। वर्ष 2026-27 में यह और घटकर GDP का 4.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। सरकार ने FY27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। FY27 में 11.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश को भी स्वीकार किया गया है।
डॉ. बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी, उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा। मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।
डॉ. बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए मोदी सरकार द्वारा Content Creator Labs का प्रस्ताव ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा। देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन प्रारंभ करने, देश में तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु पाँच क्षेत्रीय हब स्थापित करने, बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने, रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहयोग, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा रोजगार सृजन हेतु अनेक कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान इस बजट में किए गए हैं। साथ ही मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखी गई है। इसके बावजूद, आदरणीय प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगतिपथ पर अग्रसर है। यह नया भारत है, जो अपनी चुनौतियों का समाधान स्वयं करना जानता है।
डॉ. नरेश बंसल ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाले इस विकासोन्मुख बजट के लिए वित्त मंत्री , प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया।
