
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌤️ *दिनांक – 21 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌥️ *अमांत – 8 गते माघ मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 1 माघ मास*
🌤️ *मास – माघ*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – तृतीया 22 जनवरी रात्रि 02:47 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र – धनिष्ठा दोपहर 01:58 तक शतभिषा*
🌤️ *योग – व्यतीपात शाम 06:58 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 12:28 से दोपहर 01:46 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:13*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:43*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष – *तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *वसंत पंचमी* 🌷
➡️ *23 जनवरी 2026 शुक्रवार को वसंत पंचमी है।*
🙏🏻 *सारस्वत्य मंत्र लिए हुए जो भी साधक हैं , सरस्वती माँ का पूजन करें और सफेद गाय का दूध मिले अथवा गाय के दूध कीu खीर बनाकर सरस्वती माँ को भोग लगायें । सफेद पुष्पों से पूजन करें और जिन विद्यार्थियों ने सारस्वत्य मंत्र लिया है वे तो खास जीभ तालू पर लगाकर सारस्वत्य मंत्र का जप इस दिन करें तो वे प्रतिभासम्पन्न आसानी से हो जायेंगे ।*
🙏🏻 *वसंत पंचमी सरस्वती माँ का आविर्भाव का दिवस है । जो भी पढ़ते हों और शास्त्र आदि या जो भी ग्रन्थ, उनका आदर-सत्कार-पूजन करो । और भ्रूमध्य में सूर्यदेव का ध्यान करो । जिससे पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ोगे ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
🌷 *चतुर्थी तिथि विशेष* 🌷
➡️ *22 जनवरी 2026 गुरुवार को विनायक चतुर्थी है।*
🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।*
📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*
🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥*
➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*
🚩*~ सनातन पंचांग ~*🚩
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