
देहरादून। मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर रुद्रप्रयाग के तीन युवकों से करीब 27 लाख रुपए की ठगी की गई है। युवकों को भरोसे दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी आईडी कार्ड और नियुक्ति पत्र भी दिया था।

पीड़ितों ने देहरादून की महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ देहरादून की पटेल नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया। हालांकि पुलिस ने ये मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया। मिली जानकारी के मुताबिक अमित सिंह निवासी रुद्रप्रयाग ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने अपनी शिकायत में बताया था कि वह एक छात्र है। कुछ समय पहले उनकी माता के जानकार पवन सकलानी ने बताया था कि उसके परिचित गौरव कुमार, गौरव की पत्नी अलका चौधरी और अंकुर वर्मा थोड़े से पैसे लेकर मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट में नौकरी लगवा देते है।
अमित सिंह का आरोप है कि पवन ने विश्वास दिलाया कि इन तीनों ने पहले भी कई लोगों की मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट में नौकरी लगवाई है। इसी तरह अमित सिंह की मां भी पवन सकलानी की बातों में आई गई। इसके बाद तीनों आरोपियों ने पीड़ित की नौकरी लगवाने के एवज में पहले 12 लाख रुपए की मांग की, जिस पर पीड़ित ने अपने दोस्त ठाकुर सिंह और भूपेन्द्र निवासी अगस्त्यमुनि को भी बताया गया कि उनकी भी नौकरी लग सकती है।
इन आरोपियों ने तीनों से 12-12 लाख रुपए मांगे। हालांकि जब तीनों ने 12-12 लाख रुपए देने में असहमति दिखाई तो आरोपियों ने उन्हें नौ-नौ लाख रुपए का ऑफर दिया। आखिर में तीनों पीड़ितों ने नौ-नौ लाख रुपए ऑनलाइन और नकद तीनों आरोपियों को दिए। पैसे लेने के करीब 6 महीने बाद भी जब पीड़ितों की नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने आरोपियों से अपडेट लेना चाहा तो आरोपियों ने तीनों पीड़ितों को फर्जी दस्तावेज मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट में यूडीसी के पद का नियुक्ति पत्र भेजा गया। इतना ही नहीं फर्जी इंडिया पोस्ट की मेल द्वारा 21 दिसंबर 2024 को ईमेल भेजा गया, जो कि इंटरव्यू दस्तावेज के संबंध में था।
इसी क्रम में इन सभी लोगों ने फर्जी ड्राफ्ट 50 हजार रुपए बैंक के द्वारा जारी करवाया गया। उसके बाद पीड़ित और उसके साथियों को डाक भवन दिल्ली पटेल चौक इंटरव्यू के बहाने बुलाया गया और भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट के फर्जी जॉइनिंग ऑर्डर, फर्जी असिस्टेंट डायरेक्टर के हस्ताक्षर, फर्जी आईडी कार्ड, डाक विभाग की फर्जी मोहर लगाकर पीड़ित और उसके साथियों को भेजे। इतना ही नहीं आरोपी समय-समय पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर ट्रांसफर और फर्जी सिस्टम आईडी भेजकर पीड़ित और उसके साथियों को गुमराह करते रहे। हालांकि बाद जब सच सामने आया तो तीनों पीड़ितों के होश उड़े गए।
क्योंकि जानकारी करने पर सभी की आईडी फर्जी निकली। सच सामने आने के बाद जब पीड़ितों ने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें धमकी दी गई. इसके बाद पीड़ित ने 27 अप्रैल 2025 को जिलाधिकारी देहरादून और एसएसपी टिहरी को शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. आखिर में पीड़ित को अदालत की शरण लेनी पड़ी।
कोतवाली पटेल नगर प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद तीन आरोपी गौरव कुमार, अलका चौधरी और अंकुर वर्मा निवासी बंजारावाला देहरादून के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
