
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🌹 *~वैदिक पंचांग ~* 🌹
🌤️ *दिनांक – 14 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌥️ *अमांत – 1 गते माघ मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 24 पौष मास*
🌤️ *मास – माघ (गुजरात-महाराष्ट्र पौष)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – एकादशी शाम 05:52 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र – अनुराधा 15 जनवरी रात्रि 03:03 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग – गण्ड शाम 07:56 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल – दोपहर 12:26 से दोपहर 01:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:14*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:38*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति* (*पुण्यकाल : दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक), धनुर्मास समाप्त पोंगल*
💥 *विशेष – हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
🚩 ~*वैदिक पंचांग ~ 🚩
👉🏻 *लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मकर संक्रांति पर शिवलिंग पर करें यह उपाय घर में कभी धन की कमी नहीं होगी*
मकर संक्रांति पर शिवलिंग पर काले तिल, शहद, कच्चा दूध, गंगाजल, भांग, तिल का तेल, और गन्ने का रस जैसी चीजें अर्पित कर सकते हैं, जिससे सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य लाभ और धन प्राप्ति होती है, खासकर काले तिल चढ़ाकर महादेव का नाम जपने से अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है
🌷 *षट्तिला एकादशी* 🌷
➡️ *13 जनवरी 2026 मंगलवार को शाम 03:17 से 14 जनवरी, बुधवार को शाम 05:52 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष – 14 जनवरी, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन तिल का उपयोग 6 कामों में करने का विधान है। ये 6 काम इस प्रकार हैं-*
🌷 *तिलस्नायी तिलोद्वार्ती तिलहोमी तिलोद्की।*
*तिलभुक् तिलदाता च षट्तिला: पापनाशना:।।*
🙏🏻 *अर्थात- इस दिन तिलों के जल से स्नान, तिल का उबटन, तिल से हवन, तिल मिले जल को पीने, तिल का भोजन तथा तिल का दान करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है।*
👉🏻 *तिल का इन 6 कामों में करें उपयोग, होंगे ये फायदे*
1⃣ *तिल मिले जल से स्नान*
*ठंड के मौसम में त्वचा रुखी हो जाती है। तिल मिले पानी से स्नान करने से त्वचा चमकदार व कोमल हो जाती है।*
2⃣ *तिल का उबटन*
*तिल का उबटन लगाने से त्वचा संबंधी रोग अपने आप ही समाप्त हो जाते हैं।*
3⃣ *तिल मिला जल पीना*
*तिल मिला पानी पीने से पाचन तंत्र व्यवस्थित होता है। अनिद्रा में भी राहत मिलती है।*
4⃣ *तिल का भोजन*
*ठंड के मौसम में तिल से बनी चीजें खाने से शरीर को पर्याप्त गर्मी व ऊर्जा मिलती है।*
5⃣ *तिल का दान*
*तिल का दान करने से पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु अपने भक्त पर प्रसन्न होते हैं।*
6⃣ *तिल का हवन*
*तिल का हवन करने पर वायुमंडल सुगंधित होता हैं।*
💥 *विशेष – सूर्यास्त के बाद कोई भी तिलयुक्त पदार्थ नहीं खाना चाहिए।(मनु स्मृतिः 4.75)*
🚩 *~वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌷 *उत्तरायण / सूर्य मंत्र* 🌷
🙏🏻 *इसका जप करें । वो ब्रह्मवेत्ता महाव्याधि और भय, दरिद्रता और पाप से मुक्त हो जाता है ।*
🌞 *सूर्य देव का मूल मंत्र है –*
🌷 *ॐ ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नमः ।*
🙏🏻 *ये पद्म पुराण में आता है ….*
🌞 *सूर्य नमस्कार करने से ओज, तेज और बुद्धि की बढोत्तरी होती है |*
🌷 *ॐ सूर्याय नमः ।*
🌷 *ॐ रवये नमः ।*
🌷 *ॐ भानवे नमः ।*
🌷 *ॐ खगाय नमः ।*
🌷 *ॐ अर्काय नमः ।*
🙏🏻 *सूर्य नमस्कार करने से आदमी ओजस्वी, तेजस्वी और बलवान बनता है इसमें प्राणायाम भी हो जाते हैं ।*
💥 *विशेष -14 जनवरी 2026 बुधवार को मकर संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक ) है ।*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌷 *मकर संक्रांति* 🌷
🌷 *नारद पुराण के अनुसार*
*“मकरस्थे रवौ गङ्गा यत्र कुत्रावगाहिता । पुनाति स्नानपानाद्यैर्नयन्तीन्द्रपुरं जगत् ।।”*
🌞 *सूर्य के मकर राशिपर रहते समय जहाँ कहीं भी गंगा में स्नान किया जाय, वह स्नान आदि के द्वारा सम्पूर्ण जगत् को पवित्र करती और अन्त में इन्द्रलोक पहुँचाती है।*
🌷 *पद्मपुराण के सृष्टि खंड अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान जो स्नान नही करता है तो सात जन्मो तक दरिद्रता उसका पीछा नही छोडती है इसलिए संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले स्नान जरूर करना चाहिए। इससे दस हजार गोदान का फल प्राप्त होता है। उस समय किया हुआ तर्पण, दान और देवपूजन अक्षय होता है।*
🌷 *गरुड़पुराण के अनुसार मकर संक्रान्ति, चन्द्रग्रहण एवं सूर्यग्रहण के अवसर पर गयातीर्थ में जाकर पिंडदान करना तीनों लोकों में दुर्लभ है।*
👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन लक्ष्मी प्राप्ति व रोग नाश के लिए गोरस (दूध, दही, घी) से भगवान सूर्य, विपत्ति तथा शत्रु नाश के लिए तिल-गुड़ से भगवान शिव, यश-सम्मान एवं ज्ञान, विद्या आदि प्राप्ति के लिए वस्त्र से देवगुरु बृहस्पति की पूजा महापुण्यकाल / पुण्यकाल में करनी चाहिए।*
👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन तिल (सफ़ेद तथा काले दोनों) का प्रयोग तथा तिल का दान विशेष लाभकारी है। विशेषतः तिल तथा गुड़ से बने मीठे पदार्थ जैसे की रेवड़ी, गजक आदि। सुबह नहाने वाले जल में भी तिल मिला लेने चाहिए।*
🌷 *विष्णु पुराण, द्वितीयांशः अध्यायः 8 के अनुसार*
*कर्कटावस्थिते भानौ दक्षिणायनमुच्यते । उत्तरायणम्प्युक्तं मकरस्थे दिवाकरे ।।*
🌞 *सूर्य के कर्क राशि में उपस्थित होने पर दक्षिणायन कहा जाता है और उसके मकर राशि पर आने से उत्तरायण कहलाता है ॥*
🌷 *धर्मसिन्धु के अनुसार*
*तिलतैलेन दीपाश्च देया: शिवगृहे शुभा:। सतिलैस्तण्डुलैर्देवं पूजयेद्विधिवद् द्विजम्।। तस्यां कृष्ण तिलै: स्नानं कार्ये चोद्वर्त्नम तिलै: . तिला देवाश्च होतव्या भक्ष्याश्चैवोत्तरायणे*
👉🏻 *उत्तरायण के दिन तिलों के तेल के दीपक से शिवमंदिर में प्रकाश करना चाहिए , तिलों सहित चावलों से विधिपूर्वक शिव पूजन करना चाहिए. ये भी बताया है की उत्तरायण में तिलों से उबटन, काले तिलों से स्नान, तिलों का दान, होम तथा भक्षण करना चाहिए .*
🌞 *अत्र शंभौ घृताभिषेको महाफलः . वस्त्रदानं महाफलं*
👉🏻 *मकर संक्रांति के दिन महादेव जी को घृत से अभिषेक (स्नान) कराने से महाफल होता है . गरीबों को वस्त्रदान से महाफल होता है .*
🌞 *अत्र क्षीरेण भास्करं स्नानपयेव्सूर्यलोकप्राप्तिः*
👉🏻 *इस संक्रांति को दूध से सूर्य को स्नान करावै तो सूर्यलोक की प्राप्ति होती है .*
🌷 *नारद पुराण के अनुसार “क्षीराद्यैः स्नापयेद्यस्तु रविसंक्रमणे हरिम् । स वसेद्विष्णुसदने त्रिसप्तपुरुषैः सह ।।”*
🌞 *जो सूर्य की संक्रान्ति के दिन दूध आदि से श्रीहरि को नहलाता है, वह इक्कीस पीढ़ियों के साथ विष्णुलोक में वास करता है।*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
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