
पहाड़ का सच देहरादून। राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाइकोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने इस संबंध में सीएम को पत्र लिखा है। . मोहन खत्री का पत्र: सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
उत्तराखंड सरकार
देहरादून।

विषय: अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष एवं विश्वसनीय जांच हेतु सुप्रीम कोर्ट / उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में CBI जांच कराए जाने के संबंध में।
महोदय,
मैं श्री मोहन खत्री, वरिष्ठ उत्तराखंड आंदोलनकारी, निवासी मसूरी रोड, मालसी, राजपुर रोड, देहरादून, अत्यंत पीड़ा एवं जनभावनाओं के साथ आपका ध्यान अंकिता भंडारी हत्याकांड की ओर आकृष्ट कर रहा हूँ। यह घटना केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा और कानून व्यवस्था पर सीधा आघात है।
राज्य की जनता आज भी इस बात को लेकर आशंकित है कि इस जघन्य अपराध की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी रूप से हो पा रही है या नहीं। इस प्रकरण में प्रभावशाली व्यक्तियों के संरक्षण और दबाव की आशंकाएँ व्यापक रूप से व्याप्त हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
एक वरिष्ठ उत्तराखंड आंदोलनकारी होने के नाते यह कहना मेरा नैतिक दायित्व है कि उत्तराखंड राज्य का गठन न्याय, पारदर्शिता और जनहित के लिए हुआ था। यदि इस मामले में किसी भी प्रकार का पक्षपात या दबाव रहा, तो यह राज्य आंदोलन की आत्मा के साथ अन्याय होगा।
अतः आपसे सविनय अनुरोध है कि इस संवेदनशील एवं जनभावनाओं से जुड़े मामले में —
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट अथवा उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में CBI से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को उनके पद, प्रभाव या रसूख से परे जाकर कठोरतम दंड मिल सके।
यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगा, बल्कि उत्तराखंड की जनता का कानून एवं सरकार पर विश्वास भी मजबूत करेगा।
आशा है कि आप इस विषय की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करेंगे।
सादर,
(श्री मोहन खत्री)
वरिष्ठ उत्तराखंड आंदोलनकारी
पता: मसूरी रोड, मालसी, राजपुर रोड, देहरादून.
मोबाइल: 9412007894
