
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 09 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌥️ *अमांत – 25 गते पौष मास प्रविष्टि*
🌥️ *राष्ट्रीय तिथि – 19 पौष मास*
🌤️ *मास – माघ (गुजरात-महाराष्ट्र पौष)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी दोपहर 01:40 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग – शोभन शाम 04:56 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:07 से दोपहर 12:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:14*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:14*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – सप्तमी वृद्धि तिथि*
💥 *विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *करेला सेवन* 🌷
👉🏻 *हफ्ते में एक दिन करेला खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है (कड़वा रस भी शरीर के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है)*🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *कालसर्प दोष से मुक्ति* 🌷
➡ *‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ जप करें तो कालसर्प दोष की शांति हो जाती है |*
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र के जाप से आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, नकारात्मकता का नाश और भगवान विष्णु (कृष्ण) की कृपा मिलती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि, आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ती है, बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे व्यक्ति को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों क्षेत्रों में लाभ मिलता है।
आध्यात्मिक लाभ
आध्यात्मिक उन्नति: साधक को भगवान के करीब लाता है और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में मदद करता है।
शुद्धि: मन और आत्मा को शुद्ध करता है और अनजाने में हुए पापों का नाश करता है।
भक्ति और समर्पण: भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा और समर्पण के भाव को गहरा करता है।
अहंकार का नाश: अहंकार को खत्म कर आत्मज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है।
मानसिक और शारीरिक लाभ
मानसिक शांति: मन को शांति और स्थिरता मिलती है, तनाव और चिंताएं कम होती हैं।
आत्मविश्वास और बल: जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
सकारात्मकता: नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करता है और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है।
एकाग्रता: बुद्धि को निर्मल कर एकाग्रता बढ़ाता है और विचारों में स्पष्टता लाता है।
स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
सांसारिक और अन्य लाभ
सफलता और समृद्धि: जीवन के हर क्षेत्र में बाधाओं को दूर कर सफलता और समृद्धि प्राप्त करने में सहायक है।
सुरक्षा कवच: चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है, जो बुरी शक्तियों से बचाता है।
ग्रह शांति: ज्योतिषीय रूप से ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करता है।
अर्थ: “मैं उन परम पूज्य भगवान वासुदेव को नमन करता हूँ।”
ॐ (Om): ब्रह्मांड की आदि ध्वनि।
नमो (Namo): नमस्कार या प्रणाम।
भगवते (Bhagavate): ऐश्वर्यशाली, पूज्य भगवान को।
वासुदेवाय (Vasudevaya): वासुदेव (श्रीकृष्ण) को या हर वस्तु में निवास करने वाले को।
👉🏻 *विषम संख्या ३ बार, ७ बार, ११ बार, २१ बार, ३१ बार, ५१ बार, १०१ बार विषम संख्या में जप करने से – ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’, किसी को कालसर्प दोष हो तो उसी को बता देना |*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌷 *घर में शांति आने का अद्भुत चमत्कार* 🌷
🔥 *शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर गहरा श्वास लेके रोकें फिर ‘ॐ तं नमामि हरिं परम् |’ मंत्र बोले | ऐसा १५ – २० मिनट नियत समय, नियत स्थान पर कुटुम्ब के सभी लोग करें | ३ – ४ दिन में अद्भुत चमत्कार होगा, घर में शांति होगी |*
🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
