
– श्रीनगर की विरोध रैली में पीसीसी अध्यक्ष गोदियाल व गदरपुर में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य

– रविवार चार जनवरी को कांग्रेस का सीएम आवास घेराव, अन्य राजनीतिक व सामाजिक संगठन भी आंदोलन में शामिल होंगे
– महिला कांग्रेस का यमकेशर विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने का प्रयास
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच व वीआईपी को सजा देने की मांग को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शनिवार को गढ़वाल व कुमाऊं के कई जिलों में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसी मुद्दे पर रविवार को कांग्रेस का सीएम आवास घेरने का कार्यक्रम है।
श्रीनगर(पौड़ी गढ़वाल)। श्रीनगर में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में विशाल पदयात्रा आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। पदयात्रा के उपरांत गोला बाजार में एकत्र जनसमूह को प्रदेश अध्यक्ष ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस की स्पष्ट और एकमात्र मांग है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में पूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित किया जाए। इस मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई से कराई जाए तथा सभी संदिग्धों का नार्को टेस्ट हो।
उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

गदरपुर(उधम सिंह नगर): अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर गदरपुर ऊधमसिंह नगर में प्रदर्शन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की आत्मा, बेटियों की सुरक्षा और हमारी न्याय व्यवस्था पर लगा एक गहरा सवाल है।

कई साल बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में है और सच तक पहुँचने की राह बार-बार रोकी जा रही है, तब प्रदेश सरकार की चुप्पी और टालमटोल वाला रवैया असहनीय हो जाता है।
न्याय तभी सार्थक होगा जब इस जघन्य अपराध की स्वतंत्र, निष्पक्ष CBI जांच हो और अपराधी चाहे कितने ही रसूख़दार क्यों न हों, उन्हें कानून के अनुसार कठोरतम सज़ा मिले।
इसी संकल्प और उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए आज गदरपुर तहसील के बाहर जुलूस एवं धरना-प्रदर्शन कर सरकार की जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।यह संघर्ष किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सच, इंसाफ़ और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा का संघर्ष है और यह आवाज़ तब तक उठती रहेगी, जब तक अंकिता को पूरा न्याय नहीं मिल जाता:
यशपाल आर्य
रुद्रपुर में विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ में जसपुर विधायक आदेश चौहान, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा भुल्लर

उत्तराखंड की बेटी के साथ हुए जघन्य अन्याय के विरोध में तथा अंकिता भंडारी हत्याकांड की तत्काल एवं निष्पक्ष CBI जांच की मांग को लेकर आज अपने समस्त सहयोगी साथियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने विशाल जनाक्रोश मार्च निकालकर रुद्रपुर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और अन्याय के विरुद्ध न्याय की बुलंद आवाज़ उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि यह जनआंदोलन न्याय, सत्य और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष रुकेगा नहीं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कई सवालों के जवाब नहीं मिलने से नाराज महिला कांग्रेस ने सरकार और यमकेश्वर की भाजपा विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेसियों ने ऋषिकेश स्थित विधायक रेनू बिष्ट के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और घेराव करने जा रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को रास्ते में रोक दिया। पुलिस की करवाई से प्रदर्शनकारी भड़क गई और उन्होंने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन, पुतला फूंका
जागेश्वर विधानसभा के लमगड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में एकजुट होकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और उसकी हत्या के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जुूलूस निकाला और भाजपा का पुतला दहन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की भयावह स्थिति का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता को न्याय दिलाने के बजाय भाजपा सरकार आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। इतने गंभीर मामले में अब तक मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाए रखना सरकार की नीयत पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े साक्ष्यों को जानबूझकर कमजोर किया गया, बुलडोजर चलाकर सबूत मिटाने की साजिश रची गई और वीआईपी कनेक्शन को बचाने का प्रयास किया गया।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, ब्लाक अध्यक्ष मनोज रावत, महेंद्र सिंह मेर, दीवान सिंह सतवाल, देवेंद्र सिंह बिष्ट, पूरन बिष्ट, रजनी फर्त्याल जिला, पूर्व दुग्ध संघ अध्यक्ष दीप सिंह डांगी, गोपाल सिंह चौहान, हेम कुमार आर्या, पूरन पाण्डे, राजेंद्र सिंह बेलवाल, त्रिलोक सिंह, रमेश बिष्ट, धन सिंह फर्त्याल, पान सिंह बरगली, शिव राम आर्य, सतीश पंत, दान सिंह बोरा, दीपक मलाड़ा, मोहन नगरकोटी, पंकज कुमार, करन बिष्ट, जीवन बिष्ट, गोकुल गोस्वामी, गोपाल मेहरा, चंदन बोरा, जसवंत सतवाल, पान सिंह सतवाल, रमेश बिष्ट, अनिल मेर, बिशन राम, कविता बोरा, रजनी आर्या, तारा देवी, किरण रावत, अंकिता रावत, इंद्रा देवी, हेमा देवी, गंगा देवी आदि तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।
