
ज्योतिष इंद्रमोहन डंडरियाल

*🌞~ वैदिक पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक – 03 जनवरी 2026*
*⛅दिन – शनिवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2082*
*⛅अयन – दक्षिणायण*
*⛅ऋतु – शिशिर*
*⛅मास – पौष*
*🌥️ अमांत – 19 गते पौष मास प्रविष्टि*
*🌥️ राष्ट्रीय तिथि – 13 पौष मास*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – पूर्णिमा दोपहर 03:32 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा*
*⛅नक्षत्र – आर्द्रा शाम 05:27 तक तत्पश्चात् पुनर्वसु*
*⛅योग – ब्रह्म सुबह 09:05 तक, तत्पश्चात् इन्द्र प्रातः 05:16 जनवरी 04 तक, तत्पश्चात् वैधृति*
*⛅राहुकाल – प्रातः 09:49 से सुबह 11:05 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय – 07:13*
*⛅सूर्यास्त – 05:28 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त हरिद्वार मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 05:23 से प्रातः 06:16 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:10 से दोपहर 12:53 तक) हरिद्वार मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 जनवरी 04 से रात्रि 12:58 जनवरी 04 तक (हरिद्वार मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण – पौषी पूर्णिमा, शाकम्भरी पूर्णिमा, माघ स्नान (03 जनवरी से 01 फरवरी तक)*
*🌥️विशेष – पूर्णिमा के दिन स्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है एवं प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹सर्दियों में उपयोगी पुष्टि व शक्तिवर्धक प्रयोग🔹*
*🔸१] २५ ग्राम देशी काले चने धोकर रात को १२५ मि.ली. पानी में भिगो दें । सुबह इन चनों को खूब चबा – चबाकर खायें, साथ में किशमिश भी खा सकते हैं । ऊपर से चने के पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पी जायें । शरीर बलवान व शक्तिशाली होता है तथा वीर्य पुष्ट होता है ।*
*🔸२] ५० ग्राम गोंद को घी में तल लें । ५० – ५० ग्राम अजवायन, काले तिल व मूँगफली के दानों को अलग – अलग भूनकर सभीको कूट लें । फिर इस मिश्रण को तथा किसे हुए ५० ग्राम सूखे नारियल (खोपरा) को ७५० ग्राम गुड़ में मिला के रख लें । सुबह खाली पेट ५० ग्राम मिश्रण खूब चबा – चबाकर खायें ।इसके १ – २ घंटे बाद हलका सुपाच्य भोजन करें । इससे शरीर पुष्ट होता है, बल-वीर्य की वृद्धि होती है । वायुरोग, बहुमुत्रता व बच्चों की बिस्तर में पेशाब करने की समस्या में भी लाभ होता है ।
