
निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति का लिया जमीनी जायजा

थाना जाजरदेवल भवन निर्माण में गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश
पुलिस कार्यालय की शाखाओं का निरीक्षण, डिजिटलीकरण व पारदर्शिता पर जोर
आईजी कुमायूँ का पिथौरागढ़ में वार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को परखा, दिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
पहाड़ का सच देहरादून। परिक्षेत्र की पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल द्वारा बुधवार को जनपद पिथौरागढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जवाबदेही में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निर्माणाधीन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता पर विशेष जोर
निरीक्षण के क्रम में आईजी द्वारा जनपद में संचालित निर्माणाधीन एवं प्रचलित बृहद परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान थाना जाजरदेवल के निर्माणाधीन भवन का विस्तार से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कार्य की प्रगति, प्रयुक्त निर्माण सामग्री की मानकता तथा तकनीकी मापदंडों का गहन परीक्षण किया गया। उन्होंने कार्यदायी संस्था से निर्माण की प्रत्येक अवस्था की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद तकनीकी अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

आईजी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। गुणवत्ता के मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधोसंरचना का सुदृढ़ होना बेहतर पुलिसिंग की बुनियाद है, इसलिए निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुलिस कार्यालय की शाखाओं का निरीक्षण, कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा
इसके उपरांत आईजी द्वारा पुलिस कार्यालय पिथौरागढ़ की विभिन्न शाखाओं—अभिलेख शाखा, अपराध शाखा एवं गोपनीय शाखा का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंनेअभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव,
लंबित प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, डिजिटलीकरण की प्रगति,कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता का सूक्ष्मता से परीक्षण किया।
उन्होंने निर्देशित किया कि अभिलेखों का डिजिटलीकरण तेजी से पूर्ण किया जाए ताकि कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके। साथ ही, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
आईजी ने कहा कि आधुनिक दौर की पुलिसिंग में तकनीक का समुचित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में सभी शाखाओं को समन्वय के साथ कार्य करते हुए बेहतर परिणाम देने होंगे।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रहलाद कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ एवं अधीनस्थ अधिकारीगण मौजूद रहे।
निरीक्षण का उद्देश्य :जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करना
आईजी का यह निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर एक प्रभावी समीक्षा के रूप में सामने आया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पुलिस विभाग में कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह निरीक्षण जहां एक ओर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, वहीं दूसरी ओर पुलिस कार्यप्रणाली को आधुनिक, प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने की दिशा में भी एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।
