
देहरादून। देहरादून के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस को लेकर अजीब स्थिति पैदा हो गई है। नियम के अनुसार भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक बार सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग 45 दिनों से पहले नहीं की जा सकती, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अंतर सिर्फ 25 दिन का है। यही वजह है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैस को लेकर संकट जैसे हालात बनने लगे हैं और लोग परेशान हो रहे हैं।

ऐसे ही देहरादून का एक ग्रामीण क्षेत्र आर्केडिया ग्रांट के अंतर्गत बनियावाला है जो करीब 8 साल से नगर निगम में शामिल हो चुका है, और यहां काफी बड़ी आवादी बस गई है। यहां पर आर्केडिया ग्रांट इंडेन ग्रामीण एजेंसी गैस की सप्लाई करती है। एजेंसी में लोग गैस के जा रहे हैं, पर एजेंसी वाले कह रहे हैं कि 45 बाद गैस बुकिंग का नियम सरकार ने बनाया है, और हमारे पास भी उसी अनुपात में गैस आ रही है।
45 दिन का नियम व्यवहारिक नहीं
ज्यादा गांव अब कस्बों का रूप ले चुके हैं और जहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग रहते हैं, वहां स्थिति और ज्यादा गंभीर बन गई है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में गांवों की बड़ी आबादी एलपीजी पर निर्भर है, ऐसे में 45 दिन का नियम व्यवहारिक नहीं है।
निगम क्षेत्र में लकड़ियां नहीं जला सकते
बताते चले कि बनियावाला में काफी संख्या में भूतपूर्व सैनिक निवास करते हैं, और उन्होंने अपना एक संगठन भी बनाया हुआ है, संगठन के पूर्व सैनिकों का कहना है कि राजनीतिक पार्टियां वोट मांगते समय तो कहती हैं कि ये शहरी क्षेत्र में है पर किसी सुविधा के मामले में ये ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर स्थिति में है। उनका कहना है कि यहाँ भी लोगों के परिवार काफी बड़े हो गए हैं। और हम यहां लकड़ियां भी नहीं जला सकते हैं, यहां चारों ओर जंगल तो पर हम जंगल में भी नहीं घुस सकते हैं। इसलिए ये 45 दिन बाद बुकिंग का नियम व्यवहारिक नहीं है, इसलिए इसको भी शहरी क्षेत्र मानते हुए 25 दिन वाला नियम अपनाना चाहिए।
शादी के लिए मिलेंगे दो सिलेंडर
आर्केडिया ग्रांट एजेंसी में गए एक पूर्व सैनिक ने गैस डिस्ट्रीब्यूटर अधिकारी से पूछा कि आने वाले कुछ दिन बाद उनकी बेटी की शादी है तो अधिकारी ने कहा कि ऊपर से आर्डर है कि उनको दो कमर्शियल सिलेंडर मिलेंगे जिसका कि अलग से कागज बनेगा, फिर अधिकारी से पूछा गया कि दो सिलेंडर में आज के समय शादी हो जाएगी, तो उन्होंने कहा कि कंपनी का यही नियम है।
