
पहाड़ का सच देहरादून। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा अब डूबता जहाज है। कांग्रेस के उज्जवल भविष्य को देखते हुए कांग्रेस की विचारधारा पर भरोसा जताकर कई भाजपा नेताओं ने पार्टी ज्वाइन की है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वालों में पूर्व विधायक, पूर्व पालिका अध्यक्ष, पूर्व मेयर शामिल हैं। कांग्रेस का कुनबा बढ़ता देख भाजपा में हलचल शुरू हो गई है। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी अपनी सरकार की नीतियों और रीतियों से खुश नहीं हैं। यही वजह है कि कई नेता खुलकर अपनी सरकार के विरोध में बोल रहे हैं और आवाज़ उठा रहे हैं।
बकौल, गोदियाल, कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि अपनी बात ना रख पाने की वजह से उनका दम घुट रहा था और वो वहा असहज महसूस कर रहे थे। गोदियाल ने सबका पटका पहनाकर स्वागत किया और कहा कि परिवार में नए लोगों के जुड़ने से परिवार को मजबूती मिलती है। उन्होंने आशा जतायी की सभी लोग पार्टी के हित के लिए कार्य करेंगे और 2027 में प्रदेश की जनता को कांग्रेस की सरकार देने में अपनी भूमिका निभायेंगे।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में महंगाई , बेरोजगारी, महिला असुरक्षा, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा का संकट है उससे सिर्फ़ कांग्रेस ही प्रदेश की जानता को पार लगा सकती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हैट्रिक के सपने को ध्वस्त करने की तरफ़ ये अभी पहला कदम है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य, नारायण पाल, पूर्व मेयर रुड़की गौरव गोयल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी अनुज गुप्ता व लाखन सिंह शनिवार को कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेता विधायक लिस्ट में शामिल है, पिक्चर अभी बाकी है।
इस मौके पर प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, सह प्रभारी मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा गुरदीप सप्पल, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, हरक सिंह, करण मेहरा समेत कई नेता मौजूद रहे।

भाजपा निष्कासितों को चुनाव लड़ाने की कांग्रेसी कोशिश, कमल की हैट्रिक का संकेत !
*कांग्रेस 4 नेताओं की पार्टी, जिसके प्रभारी देवभूमि आना जरूरी नहीं समझते: भट्ट*
*क्षमता एवं उपयोगिता के अनुसार संगठन, सरकार में जिम्मेदारी दी गई!*
मुख्यमंत्री के आने के बाद शीघ्र दायित्व सूची जारी होगी : भट्ट
भाजपा ने पार्टी से निकाले लोगों को कांग्रेस द्वारा चुनाव लड़ाने की कोशिश को, 27 में कमल खिलने की हैट्रिक का संकेत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने व्यंग करते हुए कांग्रेस को 4 नेताओं की वो पार्टी बताया, जिसके प्रभारी को देवभूमि आना जरूरी नहीं लगता। मंत्रियों को लेकर आरोपों पर स्पष्ट किया कि पार्टी में जो आया, वो हमारा कार्यकर्ता है। उसे उसकी क्षमता एवं उपयोगिता के अनुसार संगठन और सरकार में भूमिका दी जाती है। वहीं दायित्वधारियों की नई सूची के भी मुख्यमंत्री के आने बाद शीघ्र जारी करने की बात कही।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि जो भी लोग आज कांग्रेस में शामिल हुए हैं उनको तो बहुत पहले ही पार्टी से निकल गया है इसलिए वह भाजपा के चेहरे हो ही नहीं सकते । भाजपा के अंदर अनुशासन के दायरे में रहना होता है और जो उस अनुशासन के दायरे को तोड़ता है उसे कठोरता के साथ ना चाहते हुए भी पार्टी से बाहर किया जाता है। अब जो बाहर निकाल दिया गया, वह कहीं और शिफ्ट हो जाता है तो इसमें हमें क्या फर्क पड़ेगा। हां इतना अवश्य है कि कांग्रेस इस बात पर विचार करना चाहिए था कि उन्हें भाजपा से क्यों निकाला गया है। वहीं तंज कसा कि हो सकता है जो हमे कमी या गलती लगी, वो कांग्रेस की कार्य संस्कृति में अच्छी हो।
उन्होंने कांग्रेस को आईना दिखाया कि उनके पास तो चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट तक नहीं हैं वो हमारे निकाले लोगों को चुनाव में आगे बढ़ाना चाहती है। क्योंकि कल तक कांग्रेस कहती थी कि भाजपा के पास लोग नहीं है वह हमारी पार्टी से नेताओं को ले जा रही है। अब स्वयं कांग्रेस हमारे निकाले हुए लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कर चुनाव में उतरना चाहती है। जो 2027 के चुनावों में भाजपा की दो तिहाई सीट पर जीत और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने मंत्रिमंडल में अंदरूनी बाहरी के सभी चर्चाओं पर विराम लगाते स्पष्ट किया कि हमारी पार्टी के अंदर जो व्यक्ति आ जाता है वह हमारा कार्यकर्ता है। हम उसे बाद में किसी भी दूसरे दल से नहीं जानते पहचानते हैं, हमारा उत्तरदायित्व वैचारिक रूप से उसे स्थापित करना होता है। हम सभी योग्य व्यक्तियों को अपने दल में शामिल करते हैं और उसकी क्षमता एवं उपयोगिता उचित स्थान देते हैं। संगठन में दायित्व भी देते हैं और जरूरत लगे तो सरकार में मंत्री या अन्य भूमिका भी देते हैं।
वहीं उन्होंने सरकार में दायित्वधारियों की नई सूची को लेकर भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री धामी की व्यवस्तता है, कल वर्चुअल बैठक के बाद मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई है, जहां उन्होंने पीएम को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया है। आज कुछ नई महत्वपूर्ण बैठकें भी दिल्ली में उनकी हैं, उसके बाद जैसे ही वे आयेंगे शीघ्र सूची जारी कर दी जाएगी।
इसी तरह दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बड़ी बैठक को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने तंज कसा कि कौन से वरिष्ठ नेता हैं, चार लोगों की पार्टी है कांग्रेस? अब वो देहरादून बैठे या दिल्ली, कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि भाजपा के नेता कार्यकर्ता 24 घंटे सातों दिन जमीन पर कार्य करते हैं। उनकी प्रभारी को तो देवभूमि आना भी जरूरी नहीं लगता, वो दिल्ली में ही देहरादून की बैठकें करवा लेती हैं।
