
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र के मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को दून पुलिस ने सुलझा लिया है। इस ब्लाइंड मर्डर केस में महिला के पहले पति को ही हत्यारा पाया गया, जिसने गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को कट्टे में बंद कर जंगल में फेंक दिया था।

प्रेमनगर के बाला सुंदरी मन्दिर के पास सडी गली अवस्था में मिली महिला की लाश, पुलिस जांच में जुटी
11 मार्च को मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास एक अज्ञात महिला का शव सफेद कट्टे में बरामद हुआ था। शव 4-5 दिन पुराना था और चेहरा खराब होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 टीमों का गठन किया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया और 5000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस को कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में एक मजदूर के बारे में जानकारी मिली, जिसकी पत्नी अचानक गायब थी। पुलिस ने जब संदिग्ध रंजीत शर्मा, (32 वर्ष), निवासी सहरसा, बिहार को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रंजीत शर्मा की पहली पत्नी रूपा, जो पहले उसे छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ चली गई थी, एक साल पहले वापस उसके संपर्क में आई। फरवरी 2026 में वह अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून पहुंची और आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बनाने लगी। 5 मार्च की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने रूपा का गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में भरकर कमरे में छिपा दिया और 4 दिन तक मौके का इंतजार करता रहा। 8 मार्च को अपनी दूसरी पत्नी के आने पर बच्ची को उसके पास छोड़कर शव को मोटरसाइकिल से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया। महिला की पहचान न होने के बावजूद पुलिस खुद वादी बनी और लगातार प्रयास करती रही। अंततः 5000 लोगों के सत्यापन और गहन जांच के बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
