
पहाड़ का सच/एजेंसी

नई दिल्ली। लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में 170 दिन बिताने के बाद 14 मार्च 2026 को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया। यह निर्णय लद्दाख में शांति और स्थिरता बहाली के उद्देश्य से लिया गया था।
रिहाई से जुड़ी प्रमुख बातें:
हिरासत का कारण: वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिया गया था।
रिहाई का कारण: सरकार ने NSA के तहत उनके निरोध को वापस ले लिया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रतिक्रिया: उनकी रिहाई के बाद भी लद्दाख के स्थानीय संगठनों (लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस) ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने और 16 मार्च के प्रदर्शन की बात कही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रिहाई का स्वागत किया, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे तानाशाही का पर्दाफाश बताया।
